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प्रवीण नारायण चौधरी

मंगलाशंसा: आभ्युदयिक अभ्यर्थना

शास्त्रीय शिक्षाः स्रोत – अथर्ववेद उदिह्युदिहि सूर्य वर्चसा माभ्युदिहि। यांश्च पश्यामि यांश्च न तेषु मा सुमतिं कृधि तवेद् विष्णो बहुधा वीर्याणि। त्वं न: पृणीहि पशुभिर्विश्वरूपै: सुधायां मा धेहि परमे व्योमन्॥१॥ हे सूर्य! उदयकेँ प्राप्त होइयौ। उदयकेँ प्राप्त होइयौ। आर अपन तेजसँ हमरा प्रकाशित करू। जेहि प्राणीकेँ हम देखैत छी आ जेकरा नहियो देखैत छी – मंगलाशंसा: आभ्युदयिक अभ्यर्थना

चौमासाक अन्तिम मास – कार्तिक मासः भजू मन सीताराम

स्वाध्यायः धर्म-दर्शन – प्रवीण नारायण चौधरी हिन्दू धर्म ओ परंपरानुसार हरेक वर्ष साओन मास केर हरिशयनी एकादसी उपरान्त आरम्भ चौमासा कार्तिक मास मे देवउठाउन एकादसी दिन संपन्न होएत छैक। मान्यता मुताबिक हिन्दू समाज मे एहि चारि मास अत्यधिक धर्म-कर्म कैल जाएछ। बहुत रास पूजा-पाठ आ पाबनि मनेबाक सेहो परंपरा एहि चारि मास मे देखाएछ। बड़-बुजुर्ग चौमासाक अन्तिम मास – कार्तिक मासः भजू मन सीताराम

भरदुतिया पर बेटीक विलाप – मैथिली गीत

भ्ररदुतिया पर बेटीक विलाप – विमल जी मिश्र, सुपौल (वर्तमानः दिल्ली) बेटा केँ मोह मे कियै चढबै छी चाप यौ, बेटी जनम केँ बाबू बुझियौ नै पाप यौ!   लागत कलंक झुकत माथा केर पाग यौ, बेटी जनम केँ कियै बुझै छी श्राप यौ!   अँगना सजा कय बेटी, मंदिर बनाबै य, देवि केर रूप भरदुतिया पर बेटीक विलाप – मैथिली गीत

देश-विदेश मे मनाओल गेल चित्रगुप्त पूजनोत्सव आ भरदुतिया

विराटनगर, नवम्बर २, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! कार्तिक शुक्ल दुतिया पक्ष सनातन परंपरा सँ मनाओल जायवला पाबनि भरदुतिया आ चित्रगुप्त पूजा देश-विदेश सब तैर काल्हि मंगल दिन १ नवम्बर केँ मनाओल गेल अछि। बहिन द्वारा भाइ केर नोत लेबाक परंपराक पाबैन भरदुतिया मे गंगा-जमुनाक पानि वृद्धिक समान भाइ केर और्दा बढबाक प्रार्थना करैत अछि, तहिना मृत्युक देश-विदेश मे मनाओल गेल चित्रगुप्त पूजनोत्सव आ भरदुतिया

विद्यापति स्मृति समारोह लेल न्युनतम मापदंड कि?

  निस्सन्देह भूगोलहीन मिथिलावासी केँ आइ विद्वान् केँ स्मरण करबाक एक सुन्दर परंपरा विद्यापति स्मृति पर्व समारोह केर रूप मे अपन समृद्ध इतिहास संग पहिचानक विशिष्टता मोन पारि रहल अछि। समाजक हरेक वर्गक लोक केँ शिक्षा आ संस्कार संग समाजक विकास लेल कर्मवीर जनकवि विद्यापतिक जीवन चरित्र गंभीर सन्देश दैत अपन-अपन बाल-बच्चा संग स्वयं केँ विद्यापति स्मृति समारोह लेल न्युनतम मापदंड कि?

सउदी अरब मे ११ केँ मनायल जायत छैठः मिथिला एकता समाज

रियाध, सउदी अरब। अक्टूबर २, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला सहित भारतवर्षक मूल धरातल पर छैठ ६ नवम्बर सौंझका आ ७ नवम्बर भोरका अर्घ दैत मनाओल जायत, लेकिन घर सँ बहुत दूर विदेशहु मे इस्लामिक राष्ट्र सउदी अरब मे रोजी-रोटी कमा रहला मिथिला समाजक लोक द्वारा आगामी नवम्बर ११ तारीख छैठ आर वर्षक जेकाँ अहु वर्ष सउदी अरब मे ११ केँ मनायल जायत छैठः मिथिला एकता समाज

सरदार पटेल केर स्मृति मे किछु खास बात

लौहपुरुष सरदार बल्लभभाई पटेल के जन्मदिन पर खास पेशकश   – बैजू बावरा, नवनगर, मधुबनी (हालः दिल्ली सँ)   13 सितम्बर 1948 के भारत में पहिल बेर इमरजेंसी जेहेन स्थिति बनल। इ 1975 के इंदिरा इमरजेंसी से अलग छल। एहि दिन भारत के 36 हज़ार सेना हैदराबाद में डेरा डालला। 13 स लके 17 सितम्बर सरदार पटेल केर स्मृति मे किछु खास बात

भरदुतियाः गंगा नोतय छथि जमुना केँ हम नोतय छी भाइ केँ

लेख साभारः व्हाट्सअप – लेखक केर नाम अज्ञात भाई-बहिनक स्नेह, प्रेम ,सुभाशीष और मधुरता से भरल ई महान पर्व थिक भरदुतिया । एहि वर्ष 01 नवम्बर 2016 मंगलवार के दिन मनाओल जायत । भाई-बहिनक प्रेमकऽ प्रतीक भरदुतिया (भ्रातृ द्वितीया) कऽ पर्व दीवाली कऽ दू दिनक बाद, कार्तिक मासक शुक्ल पक्ष केर द्वितीया तिथि केँ मनाओल जाईत भरदुतियाः गंगा नोतय छथि जमुना केँ हम नोतय छी भाइ केँ

पत्नीक प्रकार – सब पति लेल जानब आवश्यक

पत्नी पर निबंधः व्यंग्य प्रसंग परन्तु यथार्थ सँ कनिको भिन्न नहि – बैजू बावरा (अनुवादक) पत्नी नामक प्राणी भारत सहित समस्त विश्व में भेटैत छैथ। प्राचीन समय में इ सिर्फ़ भोजनशाला में भेटैत छली, लेकिन वर्तमान में इ शौपिंग मोल्स, थेटर्स व् रेस्टोरेंट्स के नजदीक टहलैत अधिक भेटैत छैथ। पहिले इ प्रजाति म लम्बा केश, पत्नीक प्रकार – सब पति लेल जानब आवश्यक

माँ यदि सुनीति हो त बेटा ध्रुव होयब सुनिश्चितः नीति कथा

बालक ध्रुव केर कथा – भावार्थ सहित   (मूल कथाकार केर नाम अज्ञात – संकलनः श्रीमती रेणु गुलियानी, अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी, स्रोतः धर्म मार्ग)   मनु महाराज केर दुइ पुत्र छल, प्रियव्रत और उत्तानपाद। उत्तानपाद केर दुइ पत्नी छलीह – सुरुचि और सुनीति। सुरुचि केर पुत्रक नाम छल उत्तम और सुनीतिक पुत्र केर नाम माँ यदि सुनीति हो त बेटा ध्रुव होयब सुनिश्चितः नीति कथा