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प्रवीण नारायण चौधरी

बेटा जेकाँ बेटी केँ सेहो पैतृक सम्पत्तिपर अधिकारपर बहस

बेटी केँ पैतृक सम्पत्ति मे अधिकार विवादास्पद कोना? ‍- प्रवीण नारायण चौधरी सब पिता अपन उत्तराधिकारी आ ओकरा सँ बढऽवाला नव पीढी (आबादी) लेल सोचैत छैक। उत्तराधिकारीक भूमिका बेसीतर बेटा मात्र करैत छैक। बेटाहीन पिता लेल बेटी एकमात्र विकल्प बचैछ। पुनः निःसंतान पिता लेल पोसपुत्र अथवा भातीज-भतीजीवर्गक संतान द्वारा ई पदपूर्ति होएत देखल जाएछ।   बेटा जेकाँ बेटी केँ सेहो पैतृक सम्पत्तिपर अधिकारपर बहस

मिथिलाक वर्तमान: देश सँ भूगोलविहीन क्षेत्र

मिथिला राज्य कोन भूतक नाम थीक? (मैथिलकेर भ्रम स्थिति) – प्रवीण नारायण चौधरी मिथिला राज्य के माँग जल्दी सभक समझमें सहीमें नहि अबैत छैक, एहि मर्म के हमहुँ बहुत देरी सऽ बुझलहुँ। जेना एखनहु कतेको युवा जाहिमें विशेषरूपसँ अपन पैर पर ठाड्ह आत्मविश्वास सऽ भरल लोक मिथिला राज्यक माँगके विरोध करैत अछि। ओहि युवा के मिथिलाक वर्तमान: देश सँ भूगोलविहीन क्षेत्र

बिहार मे मिथिला केँ कि भेटल?

बिहार बनल कारण आधुनिकताके वयार आ बुद्ध सऽ जुडल लोकप्रियता के मोल संग अलग-अलग संस्कृतिके एक संग जोडि रखबाक प्रेरणा तत्त्व हावी छल। लेकिन बड पैघ परिवार बनला सऽ विकास तऽ दूर लोक-संस्कृतिके संरक्षण तक नहि कैल जा सकल। अन्य राज्यक तुलना बिहार अति पिछड़ल राज्य बनल रहल। बादमें उड़ीस टूटल, फेर झारखंड टूटि गेल बिहार मे मिथिला केँ कि भेटल?

नओ साल – नओ सवालः मैथिली अधिकार दिवसपर आजादक विचार

नओ साल, नओ सवाल – अजित कुमार आजाद, दिसम्बर २२, २०१२. मैथिलीकेँ अष्टम अनुसूचीमे स्थान भेटलाक आइ नौ साल पुरि गेल। वर्ष 2003मे अझुके दिन पाँच करोड़सँ बेसी मैथिलीभाषीक सपना साकार भेल छल। सपना छल अपन भाषामे सांवैधानिक अधिकार भेटब, से भेटल। आइ हमरा समक भाषा 22 गोट अन्य भारतीय भाषाक संग प्रतिष्ठाक संग इतराय नओ साल – नओ सवालः मैथिली अधिकार दिवसपर आजादक विचार

कम सँ कम अपनो सरोकार आ दरकार लेल चौकन्ना बनू

कोढिपनाक हद्द   (यथार्थ कथा) – प्रवीण नारायण चौधरी   तखन कहैत रही जे जेकरा मे संघर्ष करबाक सामर्थ्य नहि हो, जे स्वयं कमजोर आ डरपोक हो, ओ संघर्ष करबाक शैली पर पर-उपदेश देत तऽ कतेक कारगर होयत से स्वतः बुझय योग्य बात छैक….. !   आब देखू न… मिथिला आन्दोलन (संघर्ष) कतेक वर्ष सँ कम सँ कम अपनो सरोकार आ दरकार लेल चौकन्ना बनू

राम-जानकी विवाह महोत्सव आ दसरथरूपी राम-मंदिर महंथक विचार

एक हप्ताक लेल त्रेते युगमे छी अनूभुति भेल अछिः राम गिरी, महन्थ राम मन्दिर (अयोध्या दरबार) – सुजीत कुमार झा, जनकपुर रामजानकी विवाहपञ्चमी महोत्सवमे अयोध्या दरबारक प्रतिनिधित्व राम मन्दिर कएने छल । राम मन्दिरक महन्थ राम गिरी दशरथक भूमिकामे रहथि । एहि भूमिकाक सम्बन्धमे मैथिली जिन्दाबादक लेल सुजीत कुमार झा हुनकासंग बातचीत कएलन्हि । प्र. राम जानकीक विवाह राम-जानकी विवाह महोत्सव आ दसरथरूपी राम-मंदिर महंथक विचार

अहीं सँ आशा अछि – टिल्लू भाइ केर गीत

आशा ( गीत ) – शिव कुमार झा टिल्लू, करियन – हालः जमशेदपुर सुनू सुनू आशुकवि हुअ’ देबै ने अपन प्रगीतक साँझ लिखिते र’हू अहाँ माय मैथिली नहि भेलीये बाँझ !   सार्थक रचना हे नंदन नर नारी के अभिनन्दन नवनव नवगीतक रंग ठनका देबै संगीत सौतिनक माँथ !   प्रेमक प्रेमे सँ चर्चा मंच मुदित अहीं सँ आशा अछि – टिल्लू भाइ केर गीत

जनकपुर सँ घुरलाक बाद…… महोत्सवक भूमिका महत्वपूर्ण

जनकपुर साहित्य आ कला महोत्सव आ हमर विचार – प्रवीण नारायण चौधरी, भाषा-संस्कृति अभियन्ता आ कवि-कथाकार-संचारकर्मी, स्वतंत्र लेखक, विराटनगर, नेपाल। दिसम्बर १५, २०१६.  मैथिली भाषा, मिथिला संस्कृति आ मिथिलाक ऐतिहासिक-पौराणिक पहिचान केर पुनर्स्थापनाक दिशा मे मीलक पाथर प्रमाणित होयत जनकपुर मे सम्पन्न तीन-दिवसीय साहित्य व कला महोत्सव। वैचारिक विमर्शक संग पोथीक प्रदर्शन-बिक्री आ संगहि मिथिलाक महत्वपूर्ण जनकपुर सँ घुरलाक बाद…… महोत्सवक भूमिका महत्वपूर्ण

कैन्सर पीडित निर्धन बच्चाक उपचार लेल मिथिला एकता समाज द्वारा सहयोग

रियाध (सउदी अरब), दिसम्बर १५, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला एकता समाज – सउदी अरब केर अध्यक्ष सुनील गुप्ता जानकारी करबैत कहलैन अछि जे संस्था द्वारा गरीब-असहायक सहाय बनबाक सिद्धान्त अनुरूप हालहि नेपालक मिथिलाक्षेत्रक सिरहा जिला जिलाक कर्जन्हा वार्ड नंबर ४ केर इन्दर पासमान केर अबोध बालक जे ब्लड कैन्सर सनक खतरनाक रोगक संक्रमण मे इलाजरत कैन्सर पीडित निर्धन बच्चाक उपचार लेल मिथिला एकता समाज द्वारा सहयोग

बुलबुल – मैथिली कथा संग्रह पर परिचर्चा गोष्ठी जनकपुर मे

जनकपुर, दिसम्बर ११, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! चर्चित युवा कथाकार सुजीत कुमार झा केर नव पोथी बुलबुलपर परिचर्चा मैथिली भाषामे लिखल कथा संग्रह बुलबुलपर परिचर्चा कार्यक्रम जनकपुरमे एक समारोह बीच सम्पन्न भेल अछि । स्थानीय आनन्द होटेलमे आयोजित एहि परिचर्चा समारोहमे वक्तासभ मैथिली पुस्तक प्रकाशन बढेबाक जरुरत पर जोर देलन्हि । ओ सभ कहलन्हि व्यवसायिक रुपसँ प्रकाशन संस्था नहि बुलबुल – मैथिली कथा संग्रह पर परिचर्चा गोष्ठी जनकपुर मे