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प्रवीण नारायण चौधरी

मिथिलाक एहि इतिहास केँ कोनो जातिवादी अथवा विखंडनकारी राजनीति नहि मेटा सकैत अछि

आलेख – प्रवीण नारायण चौधरी लोकदेव, भगताइ आ लोककल्याणः सन्दर्भ लालमैन चमार   मिथिलाक लोकरीति मे प्रसिद्ध जनश्रुति अलग-अलग क्षेत्र मे अलग-अलग महापुरुषक ऐतिहासिक वीरगाथा केँ नहि मात्र पुनर्स्मरण करैत अछि, बल्कि कतेको महापुरुष केर आत्मा गोटेक भगत कहेनिहार लोकक देहपर सवार भऽ जनकल्याणकारी कार्य आइयो धरि करैत आबि रहल अछि। आब राजनीति कएनिहार कतेको मिथिलाक एहि इतिहास केँ कोनो जातिवादी अथवा विखंडनकारी राजनीति नहि मेटा सकैत अछि

नैन्सी केँ न्याय दियेबाक लेल जैड़ सँ संघर्षक जरुरत: रवि दिन अंधरामठ थाना पर धरना

विराटनगर, मई ३१, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! सोशल मीडिया सँ बयानवीर मात्र बनने माहौल त बनैत छैक मुदा सार्थक परिवर्तन केर महत्वपूर्ण कार्य नहि भऽ पबैत छैक। आइ मिथिलाक केन्द्रीय भूभाग मधुबनी जिलाक प्रसिद्ध गाम मे गामहि केर लोक द्वारा गामक नावालिग बेटी संग कएल दुष्कर्म आर हत्या सँ माहौल बिगैड़ गेल अछि। आर न्याय लेल नैन्सी केँ न्याय दियेबाक लेल जैड़ सँ संघर्षक जरुरत: रवि दिन अंधरामठ थाना पर धरना

आबि रहल छी जोगबनीः मैथिली ठाकुर

दिल्ली, मई २७, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली-मिथिलाक सूपर स्टार आर दुनियाक ‘राइजिंग स्टार’ मैथिली ठाकुर केर सुमधुर शैली मे मैथिली गायन संग शास्त्रीय गायन शैलीक लाखों प्रशंसक हुनकर एक झलक पेबा लेल बेहाल रहैत अछि। भारत-नेपाल केर सीमा नगर अररिया जिलाक जोगबनी केर उच्च विद्यालय प्रांगण मे २८ मई केँ आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय विद्यापति महोत्सव २०१७ आबि रहल छी जोगबनीः मैथिली ठाकुर

राँची संस्कृत आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण वर्ग को लेकर मधुबनी में हुई बैठक

डा. रामसेवक झा, मधुबनी। मई २६, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! वाट्सन+2 के सभागार में सोमवार को महिला कॉलेज मधुबनी के संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ.घनश्याम महतो की अध्यक्षता में एक बैठक हुई । बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ.घनश्याम महतो ने कहा कि संस्कृत भारती के तत्वाधान में देश के अलावा विदेशों में भी संस्कृत भाषा का प्रचार-प्रसार राँची संस्कृत आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण वर्ग को लेकर मधुबनी में हुई बैठक

संस्कृत भाषा मे पहिल अन्तर्राष्ट्रीय त्रैमासिक पत्रिका ‘जाह्नवी’ केर २९म अंकक विमोचन संपन्न

डा. रामसेवक झा, दरभंगा। मई २४, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! जाह्नवी संस्कृत ई जर्नल त्रैमासिक पत्रिका क 29म अङ्क केर लोकार्पण रविदिन चेन्नै स्थित कर्णाटक संघ सभागार में कयल गेल। लोकार्पणकर्ता राष्ट्रपति सम्मानित विद्यावाचस्पति डॉ. वी. प्रभञ्जनाचार्य कहलथि जे प्रौद्योगिक युग में जाह्नवी ई जर्नल के महती आवश्यकता प्रतीत होइत अछि। प्रिंट पत्रिका द्वारा सीमित लोक संस्कृत भाषा मे पहिल अन्तर्राष्ट्रीय त्रैमासिक पत्रिका ‘जाह्नवी’ केर २९म अंकक विमोचन संपन्न

समृद्ध ऐतिहासिकता सँ वर्तमान पीढी केँ परिचिति लेल तरौनी महोत्सव

प्रकाश कमती, तरौनी, दरभंगा। मई २३, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! दिनांक 25 मई, वृहस्पतिदिन बाबा नागार्जुन ग्राम सेवा समिति एवं बी.वी. शांति फाउंडेशन गुजरात केर संयुक्त तत्वधानमे बाबा यात्री जीक गाम तरौनीमे ‘तरौनी-महोत्सव’ मनाओल जा रहल अछि। कार्यक्रम अध्यक्ष श्री संतोष मिश्रा एवं सचिव श्री विश्वम्भर झा संगहि संगठन महामंत्री श्री प्रकाश झाक कुशल नेतृत्वमे तैयारी समृद्ध ऐतिहासिकता सँ वर्तमान पीढी केँ परिचिति लेल तरौनी महोत्सव

रामचरितमानस सँ सीख – ४

रामचरितमानस सँ सीख – ४ १. मन आ बुद्धि कंगाल मुदा मनोरथ सदैव राजा समान होएत छैक।   २. बुद्धि त अत्यन्त नीचाँ मुदा चाहत बड़ उच्च होएत छैक।   ३. चाह होएछ जे अमृत पाबि ली मुदा जुड़ैत छाँछो नहि छैक।   ४. रसीला हो या एकदम फीका – अपन कविता केकरा नहि नीक रामचरितमानस सँ सीख – ४

मिथिला मे शिशुपाल वध, बस प्रसंगवश….

विशेष सम्पादकीय, मई २७, २०१७. मिथिलाक प्राचीनता समृद्ध रहितो वर्तमान विपन्नता आँखि मे गड़ैत छैक। लेकिन एकर नाम वगैर राजकीय संरक्षण आइयो आखिर जीबिते छैक। ई सौभाग्य कोनो ईश्वरीय चमत्कार सँ कम नहि। बात साफ छैक। १ करनिहार १० दूसनिहार – करनिहारक सम्बल कृष्ण आ दूसनिहार स्वयंमेव शिशुपाल। आखिर कृष्ण शिशुपालक वध कियैक केलाह। आउ मिथिला मे शिशुपाल वध, बस प्रसंगवश….

मिथिला मे जैविक कृषि पर आधारित औद्योगिक क्रान्तिक संभावनाः मनीष आनन्द

साक्षात्कारः युवा उद्यमी मनीष आनन्द संग मिथिलाक भूमि देवभूमि एहि लेल मानल गेलैक अछि जे एतय दलदल सँ बसय योग्य भूमि निर्माण यज्ञक माध्यमे आ सेहो सिद्ध माधव विदेह द्वारा पृथ्वीक कल्याणक निमित्त ऋषि-मुनि-ज्ञानीजन केर निवास मे कोनो तरहक तकलीफ नहि हो ताहि परिकल्पनाक संग! जँ परिकल्पना ठोस हो, आधार यज्ञ समान त्यागपूर्ण हवन केर मिथिला मे जैविक कृषि पर आधारित औद्योगिक क्रान्तिक संभावनाः मनीष आनन्द

रामचरितमानस सँ सीख – ३

स्वाध्याय रामचरितमानस केर बालकाण्ड मे वर्णित महाकवि तुलसीदास द्वारा मंगलाचरणक क्रम मे बहुत रास अति महत्वपूर्ण जीवनोपयोगी यथार्थ शिक्षा देल गेल अछि। हम मानव समुदाय सदैव नीक सीखबाक लेल अपना केँ शिक्षित करैत रहैत छी। शिक्षाक समग्र माने सेहो अनुशासन होएत छैक। अतः ई श्रृंखला सँ अपने पाठक लोकनि निश्चित लाभान्वित होएत होयब एहि आशाक रामचरितमानस सँ सीख – ३