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प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिल समाज नेपाल काठमांडू में कतय हेरायल अछि

नेपाल मैथिल समाज काठमांडू कतय अछि? मिथिला के सीमा पर पुरातत्व विभाग नेपाल के तकनीकी अन्वेषक (अभियन्ता) आ मैथिली भाषा संग मिथिला राज्य के सुपरिचित समर्थक श्री गोपाल झा संग चर्चा कय रहल छलहुँ। पता चलल जे पश्चिम में गण्डकी नदी हाल समय मे परसा जिला सँ 100 किमी पश्चिम दिशा सँ बहि रहल अछि। मैथिल समाज नेपाल काठमांडू में कतय हेरायल अछि

बाबाधाम यात्राक इतिहास किछु खास प्रसंग सँ

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी फोटो सहित परिचय – समूह केर नियम   दहेज मुक्त मिथिलाक समस्त सदस्यगण केँ कहल जाइत छन्हि जे सब कियो अपन-अपन परिचय फोटो सहित समूह पर जरूर राखू। आर समय-समय पर एकर औचित्य पर हम लिखैत आबि रहल छी, फेर लिखि रहल छीः   फोटो सहित परिचय केर अर्थ भेल बाबाधाम यात्राक इतिहास किछु खास प्रसंग सँ

भाषा-विमर्शः मैथिली सँ अलग हेबाक रवैया सम्बन्धित

भाषा विमर्श भाषा विमर्शः नुक्सान केकर हेतैक? काल्हिक लेख ‘मिथिलाक मतलब सिर्फ मैथिली नहि थिक’ (लिंकः https://www.facebook.com/pravin.choudhary/posts/10160461465013492) पर नीक भाषा-विमर्श चलि रहल अछि। किछु नवतुरिया भाषा-बोली बीच के अन्तर्सम्बन्ध बिना बुझने अन्हेरक शंका-आशंका सेहो राखि रहल छथि। किछु विज्ञ-विद्वान् अन्हेरक चिन्ता सेहो कय रहल छथि। आइ वैह लेख (भाषा-विमर्श) केँ हम आगू बढा रहल छी। भाषा-विमर्शः मैथिली सँ अलग हेबाक रवैया सम्बन्धित

मिरानिसे बैठक मदनपट्टी स्कूल पर सम्पन्न भेल

5 फरवरी 2022, मैथिली जिन्दाबाद!! राजेश कुमार झा, महासचिव, मिथिला राज्य निर्माण सेना ठाढ़ी, मधुबनी। अंधराठाढ़ी प्रखंड अध्यक्ष विक्रम मंडल जी, उपाध्यक्ष द्वय सुजीत जी आ अनंत जी, महासचिव राज नारायण राय जी( ठाढ़ी मुखिया) तथा बैजू यादव जी( जलसैन मुखिया) के उपस्थिति में आई मिरानिसे के बैठक मदनपट्टी स्कूल पर संपन्न भेल। बैठक में मिरानिसे बैठक मदनपट्टी स्कूल पर सम्पन्न भेल

१९वीँ पुण्य तिथि पर खुशीलाल बाबू याद कयल गेलाह

हटनी, मधुबनी। 5 फरवरी 2022, मैथिली जिन्दाबाद!! १९वीँ पुण्य तिथि पर खुशीलाल बाबू याद कयल गेलाह बसंत पंचमी शुक्लपक्ष शिशिर ऋतुमे बिहारक मधुबनी जिला स्थित घोघरडीहा प्रखंड केर सरौती पैतृक गांवमे समारोह पूर्वक याद कयल गेलाह खुशी बाबू। भुतपूर्व चियरमैन साहेब श्री खुशी लाल कामत निर्पेक्ष शिक्षाप्रेमी, स्वाधिनता सेनानी, समाजवादी सोचक व्यक्तित्वक समाजसेवी रहथि ओ। १९वीँ पुण्य तिथि पर खुशीलाल बाबू याद कयल गेलाह

प्रगतिशील किसान गोष्ठी

लाल देव कामत, हटनी, मधुबनी। 5 फरवरी 2022, मैथिली जिन्दाबाद!! प्रगतिशील किसान गोष्ठ पंचायतमे एकठामक सामुहिक बैसार संभव नहिँ हुअय तँ विकेंद्रीकरण कय गामे-गाम कृषि जागरूकता अभियान लेल विभाग जागृति आनत। बिहार क’ ऐ ग्लोबल वार्मिंग केर दौड़मे एक्टा नव डेग आगू बढ़त। एक सिंचाई सँ आ सुखा पड़त तैयो गहुंममे नीक उपज संभव होयत। प्रगतिशील किसान गोष्ठी

लाल देव कामत द्वारा मैथिली पोथी समीक्षाः श्री नन्दविलास राय कृत् ‘अप्पन बीतल’

मैथिली पोथी समीक्षा – लाल देव कामत श्री नन्दविलास राय कृत् अप्पन बीतल आईएसबीएन प्राप्त एहि मैथिली साहित्य पोथी’क पल्लवी प्रकाशन, निर्मली केर विषय-सूचीमे पाठक्रम ३केँ १पर रखबाक, आ क्र. १केँ २ पर, क्र. २केँ ३पर देबाक चाही। संगहि क्र. ४केँ ५ पर आ ५केंँ ४ पर, क्र. ६केँ ७ पर एवं ७केँ क्र. ६ लाल देव कामत द्वारा मैथिली पोथी समीक्षाः श्री नन्दविलास राय कृत् ‘अप्पन बीतल’

हम मैथिल छी, अहाँक आत्मपरिचयक लेल अहाँ स्वयं जिम्मेदार छी

सन्दर्भः मिथिलाक्षेत्रक ओ लोक जे स्वयं केँ मैथिल नहि मानथि ई हुनकर स्वविवेक थिकन्हि   गये दिन कियो न कियो चर्चा मे भेटि गेल करैत छथि जे कहैत छथि जे हम मैथिल नहि छी, हमर भाषा मैथिली नहि अछि, हम भोजपुरीभाषी छी, भोजपुरा सँ छी, आदि। हम हुनका मिथिलाक परिभाषा आ पुराणचर्चित इतिहास सँ लय हम मैथिल छी, अहाँक आत्मपरिचयक लेल अहाँ स्वयं जिम्मेदार छी

मिथिला राज्य निर्माण सेनाक संगठन निर्माण कार्य झंझारपुर सँ आरम्भ

३ फरवरी २०२२ । मैथिली जिन्दाबाद!! भारतीय गणराज्य मे मिथिला राज्यक पुनर्स्थापनाक मांग लेल आन्दोलनरत संस्था मिथिला राज्य निर्माण सेना द्वारा प्रत्येक जिला आ प्रखंड स्तर पर संगठन निर्माणक काज आरम्भ भेल अछि। १४ जनवरी २०२२ सँ सदस्यता मुहिम केर शुभारम्भक बाद आब प्रत्येक प्रखंड आ जिला स्तर पर कार्यकारिणीक गठन सेहो आरम्भ करबाक जानकारी मिथिला राज्य निर्माण सेनाक संगठन निर्माण कार्य झंझारपुर सँ आरम्भ

बुझबाक सहज माध्यम मातृभाषा

मस्तिष्क विकास आ कोनो गूढ़ तथ्य केँ सहजता सँ बुझबाक माध्यम मातृभाषा होइछ – प्रवीण नारायण चौधरी हम सब मैथिल छी। मैथिली हमर मातृभाषा थिक। मैथिली केर माध्यम सँ यदि पढाई करेबाक व्यवस्था कयल जइतै त हमरा सभक आन्तरिक क्षमता आर बेसी मजबूत आ दृढ होइतै। लेकिन से व्यवस्था हम मैथिलीभाषी लेल नहि कयल जा बुझबाक सहज माध्यम मातृभाषा