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प्रवीण नारायण चौधरी

दीना-भदरी पर बनत मैथिली फिल्म, पटकथा लेखक सम्पर्क करथि

मैथिली फिल्म आ दीना-भदरी जोरावर सिंह कुनौली क्षेत्रक पैघ जमीन्दार छलाह जे अपन खेत पर काज करनिहार कारिन्दा सब केँ काजक बदला जे बोइन देथि से मेहनतिक तुलना मे बहुत कम होइक । एकर विरोध जे करय तेकरा जमीन्दार उन्टा बान्ह बान्हिकय अपन पोसल पहलमान द्वारा मारि-पीट कराबथि, विरोध कयनिहार केँ चुप कय देथि । दीना-भदरी पर बनत मैथिली फिल्म, पटकथा लेखक सम्पर्क करथि

राम भजन कामतक पाँचम फिल्म नाका केर प्रदर्शन फागुन १७-१८ सँ पूरे नेपालमे

काठमांडु, नेपाल। २३ फरबरी, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! रंगकर्म सँ फिल्म केर सफर कयनिहार कलाकारक सूची बहुत पैघ अछि। हिन्दी, अंग्रेजी, मैथिली, भोजपुरी, नेपाली – सब भाषा मे बनल फिल्म मे कलाकारक मुख्य आपूर्ति रंगकर्मक दुनिया सँ होयबाक परम्परा भेटैत अछि। ओना, कतेको कलाकार सीधे फिल्म मे सेहो अपन उत्कृष्ट कलाकारिता सँ लोकमानस मे अलग छाप राम भजन कामतक पाँचम फिल्म नाका केर प्रदर्शन फागुन १७-१८ सँ पूरे नेपालमे

अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर स्कूली छात्र-छात्राकेँ मिसू नेपालद्वारा मैथिली प्रशिक्षण

हनुमाननगर, सप्तरी। फरबरी २२, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला स्टूडेन्ट युनियन नेपाल द्वारा पैछला मास सँ आरम्भ स्कूली छात्र-छात्रा केँ मैथिली भाषा सँ जोड़बाक एकटा अनुपम प्रशिक्षण अभियानक दोसर आयोजन काल्हि अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवसक अवसरपर नेपालीय मिथिलाक सप्तरी जिलान्तर्गत तिलाठी कोइलाडी गामक एक विद्यालय मे सम्पन्न कयल गेल अछि। मिसू नेपालक सचिव गजेन्द्र गजुर द्वारा स्टेटस अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर स्कूली छात्र-छात्राकेँ मिसू नेपालद्वारा मैथिली प्रशिक्षण

मैथिली भाषा मे रोजगार उत्पन्न करबाक लेल संकल्प लीः अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर खास

अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर खासः भाषाकेँ रोजगार सँ जोड़बाक संकल्प ली अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर हमर मातृभाषा मैथिली आ समस्त अन्य मातृभाषा सँ अनुराग रखनिहार जनगणमन केँ हमर प्रणाम! बन्धुगण, मनुष्यक मनुष्यता मे मातृभाषाक महत्व मायक कोरा सँ मृत्युवरणक समय आ अछिया पर जरि जेबाक काल धरि कठियारी पहुँचल लोक सँ मृतकक परिवार मे भऽ मैथिली भाषा मे रोजगार उत्पन्न करबाक लेल संकल्प लीः अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर खास

विराटनगर मे मैथिली चलचित्र संघक स्थापना

विराटनगर, २० फरबरी, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! नेपालक प्रसिद्ध औद्योगिक नगरी विराटनगर आब नव संघीय नेपालक प्रान्त संख्या १ केर राजधानीक रूप मे सेहो स्थापित होमय जा रहल अछि आर अदौकाल सँ एहि ठामक मैथिली भाषा-भाषी समाज द्वारा कयल गेल विभिन्न शैक्षिक, बौद्धिक, साहित्यिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक योगदान केँ महत्वपूर्ण स्थान भेटैत रहबाक बात एतुका विभिन्न विराटनगर मे मैथिली चलचित्र संघक स्थापना

एहि वर्ष दुइ दिवसीय वाचस्पति स्मृति उत्सवक आयोजन होयत ठाढी मे

ठाढी, मधुबनी। २० फरबरी, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! पं. वाचस्पति मिश्र स्मृति पर्व समारोह १६ आ १७ मार्च केँ २०१६ में प्रतिमा अनावरण उपरान्त लगातार तेसर बेर, एहि बेर दुइ-दिवसीय आयोजन साहित्यक सत्र संग-संग क्षेत्रक आर्थिक उन्नति लेल महत्वपूर्ण सेमिनार पुरातात्विक अन्वेषणक इतिहास, महत्व आ पर्यटन उद्योगक संभावना पर सेमिनार विद्यावारिधि सर्वतंत्र स्वतंत्र पं० वाचस्पति मिश्र एहि वर्ष दुइ दिवसीय वाचस्पति स्मृति उत्सवक आयोजन होयत ठाढी मे

राजनीति आ जातिवादः प्राकृतिक न्याय केर विरुद्धक काज बन्द हो

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी वर्तमान युग मे विभिन्न राजनीतिक सोच आ मानुषिक विचार मे पर्यन्त पैघ-छोट हेबाक किंवा देखाबा करबाक भावना बसि गेलाक कारण उद्वेलित होएत रहबाक कारणे वर्ण व्यवस्थाक मौलिक परिकल्पना मे नोच-पटक भेल अछि आर स्थिति एहि विन्दु तक पहुँचि चुकल अछि जे जातीय प्रथाक अन्त कयला सँ समाजक बेसी हित होयत राजनीति आ जातिवादः प्राकृतिक न्याय केर विरुद्धक काज बन्द हो

अन्तरंग प्रेम प्रदर्शनक वस्तु नहि बंधुगण! वैलेन्टाइन डे पर एना उचित नहि…….

वेलेन्टाइन डे स्पेशल वैधानिक चेतावनी   प्रेम दिवस – प्रेम विशेष चर्चा, उपहार आदान-प्रदान… रोज डे, चकलेट डे आ कि-कहाँदैन डे-फे… सुनैत-सुनैत मोन आजिज भेनाय जे कहैत छैक से भेल अछि बुझू। ताहि पर सँ भाभौ आ पुतोहु वा अन्य समकक्षी स्नेहिल बेटी-भतीजी वा समाजक केकरो बेटी-भतीजीरूपी नारी सभक संग भाइ, भातीज, व अन्य समकक्षी अन्तरंग प्रेम प्रदर्शनक वस्तु नहि बंधुगण! वैलेन्टाइन डे पर एना उचित नहि…….

अमर संस्कृतिविद् चतुर्भुज आशावादी – एक यथार्थ युगपुरुष

विशिष्ट व्यक्तित्व परिचयः युगपुरुष चतुर्भुज आशावादी – प्रवीण नारायण चौधरी नेपालक प्रसिद्ध संस्कृतिविद् – अभियानी – कलाकार – निर्देशक – अन्वेषणकर्ता – राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय अनेकानेक कार्यक्रमक आयोजनकर्ताक संग-संग ‘एकल भाषा एकल भेष’ केर नेपालक कड़ा संवैधानिक व्यवस्थाक बावजूद लोकसंस्कृति-लोककला-लोकअभिनय प्रति असीम स्नेह रखनिहार आर सांस्कृतिक आयोजन मे नेपाली भाषा-संस्कृतिक कला-नृत्य आदिक संग मैथिली, राजवंशी, थारू, आदि अमर संस्कृतिविद् चतुर्भुज आशावादी – एक यथार्थ युगपुरुष

झारखंड मे मैथिली सेहो होयत दोसर राजभाषा

विशेष संपादकीय झारखंड मे मैथिली – लेखक डा. रविन्द्र कुमार चौधरी द्वारा लिखल एकटा गंभीर शोधमूलक पोथी जाहि मे झारखंडक विभिन्न जिला मे मैथिलीक उपस्थिति केर सुन्दर दस्तावेजीकरण कयल गेल अछि। झारखंड मे मैथिलीभाषीक बसोवासक इतिहास लगभग १००० वर्ष सँ २००० वर्ष केर कालखण्ड निर्धारित करैत देवघर मे बसल मैथिल पंडा समाजक संग डा. जार्ज झारखंड मे मैथिली सेहो होयत दोसर राजभाषा