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एहि वर्ष दुइ दिवसीय वाचस्पति स्मृति उत्सवक आयोजन होयत ठाढी मे

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ठाढी, मधुबनी। २० फरबरी, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!!

पं. वाचस्पति मिश्र स्मृति पर्व समारोह १६ आ १७ मार्च केँ

२०१६ में प्रतिमा अनावरण उपरान्त लगातार तेसर बेर, एहि बेर दुइ-दिवसीय आयोजन

साहित्यक सत्र संग-संग क्षेत्रक आर्थिक उन्नति लेल महत्वपूर्ण सेमिनार

पुरातात्विक अन्वेषणक इतिहास, महत्व आ पर्यटन उद्योगक संभावना पर सेमिनार

विद्यावारिधि सर्वतंत्र स्वतंत्र पं० वाचस्पति मिश्र द्वि-दिवसीय स्मृति पर्व समारोह आगामी १६-१७ मार्च २०१८ क’ वाचस्पति उद्यान ठाढ़ी में होयत । ई जनतब कार्यक्रम संयोजक रत्नेश्वर झा द्वारा स्टेटस अपडेट करैत सामाजिक संजाल मार्फत भेटल अछि।
 
मैथिली जिन्दाबाद केँ पठायल गेल कार्यक्रम विवरणिका मे एहि वर्षक आयोजन दुइ दिवसीय करबाक आ तहिना सांस्कृतिक ओ साहित्यिक विषयक संग-संग ऐतिहासिकता केँ स्थापित करयवला पुरातात्विक अन्वेषण ओ अवस्था आ आर्थिक प्रगति सँ सम्बन्धित विभिन्न विद्वान् गोष्ठीक आयोजन सेहो एहि वर्षक स्मृति समारोहक प्रमुख हिस्सा रहबाक जानकारी भेटल अछि।
 
भामती वाचस्पति स्मारक निर्माण समिति एवं ठाढ़ी ग्रामक तत्वावधान में वाचस्पति उद्यान ठाढ़ी में आयोजित बैसार में निर्णय भेल जे एहिपर बेर दू दिवसीय वाचस्पति पर्व १६-१७ मार्च क’ वाचस्पति उद्यान ठाढ़ी में मनाओल जायत । उदघाटन सत्र, दर्शन एवं साहित्य पर सत्र, मिथिलाक आर्थिक विकास, मिथिलाक पुरातत्व, मिथिलाक कलासंस्कृति, कविगोष्ठी, नाटक एवं संगीत संध्या संगहि एक टा स्मारिकाक लोकार्पण सेहो काएल जायत । ई समस्त जनतब पठबैत कार्यक्रम मे सहभागिताक आमंत्रण अनेकानेक विद्वान्, साहित्यकार, इतिहासकार, आदिकेँ कयल जेबाक जनतब श्री झा द्वारा करायल गेल। ओ कहलैन जे एहिसं पूर्व माननीय मुख्यमंत्री, माननीय उपमुख्यमंत्री, माननीय पर्यटन मंत्री एवं माननीय कला-संस्कृति मंत्री बिहार के पत्र द’ निवेदन केने छियैन जे कार्यक्रमक उदघाटन एवं पर्यटन विभाग सँ निर्मित मेमोरियलक उद्घाटन क’ कृतार्थ करथि । स्वीकृति प्रतिक्षित अछि । एहि बैसार मे संयोजक रत्नेश्वर झा केर अलावे उपाध्यक्ष क्षमाधर झा, सचिव काशीनाथ झा तथा सूशील झा, मिथिलेश्वर झा, राकेश झा, हीराकान्त मिश्र, महीकान्त झा, व अन्य ग्रामीण लोकनि उपस्थित रहथि।
 
विदिते अछि जे विद्यावारिधि सर्वतंत्र स्वतंत्र सहित अनेकों विद्याविभूषण सँ विभूषित – किंवदन्ति अनुरूप साक्षात् देवगुरु वृहस्पतिक अवतारक रूपमे जानल जायवला वाचस्पति मिश्र मधुबनी जिलाक यैह अत्यन्त सुप्रतिष्ठित गाम “ठाढी” मे जन्म ओ निवास करैत समुचा संसार केँ हिन्दू दर्शनक छहो शास्त्र मे एक सँ बढिकय एक कृत्तिक योगदान देलनि। मान्यता अछि जे हिनका द्वारा प्रतिपादित सिद्धान्तक कारण वेद पुनर्जीवित भेल। आइयो हिनकर डीह आर ताहिपर समस्त जागरुक ग्रामीण लोकनिक संग राज्य पोषित गोटेक महत्वपूर्ण अविस्मरणीय काज सब कयल गेल अछि। हलाँकि एहि दिशा मे एखनहु बहुत रास ठोस काज करब बाकिये बुझाएत अछि, यथा संग्रहालय, पुस्तकालय आदि मार्फत पं. मिश्रक लिखल ग्रंथ उपलब्ध करायब, शोध केन्द्रक रूप मे एकरा विकसित करब, अध्ययन केन्द्रक रूप मे देश-विदेश सौंसे एहि स्थानक उचित प्रचार-प्रसार करब आदि। आर धीरे-धीरे उपरोक्त आयोजन समितिक सक्रियता मे एहि दिशा मे डेग सब उठि रहल अछि। एहि वर्षक दुइ दिवसीय आयोजन मार्फत एकरा समाजक वृहत् आवश्यकता सँ सेहो जोड़ैत आगू बढेबाक सोच एहि प्रगतिक एकटा नमूना कहल जा सकैछ।
 
जनतब भेटय जे आइ धरि एहि गामक बच्चा केँ अक्षरारम्भ वाचस्पतिक डीह परका माटिक ढेप सँ करायल जेबाक परम्परा कायम अछि। एहि गामक बच्चा-बच्चा मे आइयो सरस्वतीक कृपा प्रत्यक्ष ओकर संस्कार, शालीनता आ संप्रभुता सँ स्पष्ट परिलक्षित होएत रहैत अछि। आइयो एहि गामक प्रबुद्ध समाज समस्त भारतवर्ष केँ कोनो न कोनो रूप मे महत्वपूर्ण योगदान सँ राष्ट्रक सम्बल बनल रहबाक सर्वोत्कृष्ट उदाहरण स्पष्ट रूप सँ देखल जा सकैत अछि। मानवीय सभ्यताक लगभग सब पक्षक पृष्ठपोषण एहि गामक विद्यावान् सन्तान सँ होयबाक दृष्टान्त एकटा सुन्दर शोधक विषय बनि सकैत अछि। स्वयं आयोजन समिति मे संयोजक सहित कार्यकारिणी पदाधिकारी लोकनिक व्यक्तित्व सँ लैत आयोजनक हिस्सा बनिकय कनेटा घासो घुसकेनिहारक विलक्षण प्रतिभासँ प्रभावित होइत दर्जनों विद्वान्-साहित्यकार-कवि-अभियन्ता लोकनिक नीक जमघट एहि स्मृति दिवस पर होएत अछि। मैथिली जिन्दाबाद केर संपादक प्रवीण नारायण चौधरी बेर-बेर एहि गामक माटि-पानिकेँ प्रणाम करैत एहि वर्ष मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल १६-१८ मार्च मे पहिनहि भाग लेबाक पुष्टि कय देबाक कारणे नहि पहुँचि सकबाक लेल खेद प्रदक कएलनि अछि। कार्यक्रमक सफलता लेल बाकी सब तरहक प्रयास अपना-अपना स्तर सँ पूर्ववत् करैत रहबाक वचनबद्धता सेहो ओ प्रकट केलनि अछि।
 
हरिः हरः!!

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