अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर स्कूली छात्र-छात्राकेँ मिसू नेपालद्वारा मैथिली प्रशिक्षण

हनुमाननगर, सप्तरी। फरबरी २२, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!!

मिथिला स्टूडेन्ट युनियन नेपाल द्वारा पैछला मास सँ आरम्भ स्कूली छात्र-छात्रा केँ मैथिली भाषा सँ जोड़बाक एकटा अनुपम प्रशिक्षण अभियानक दोसर आयोजन काल्हि अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवसक अवसरपर नेपालीय मिथिलाक सप्तरी जिलान्तर्गत तिलाठी कोइलाडी गामक एक विद्यालय मे सम्पन्न कयल गेल अछि।

मिसू नेपालक सचिव गजेन्द्र गजुर द्वारा स्टेटस अपडेट मार्फत जानकारी दैत उपरोक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमक विषय मे निम्न समाचार देल गेल अछिः

“काल्हि अन्तराष्टिय मातृभाषा दिवसक अवसरमे मैथिली प्रशिक्षण अभियान श्रृखंला-०२ सम्पन्न भेल अछि। तिलाठी कोइलाडी गामपालिकाक श्री ल. ब. न. मा. वी बहनगामा कट्टीमे मिथिला स्टूडेन्ट युनियन नेपालद्वारा आयोजित उक्त प्रशिक्षण ३ घण्टा धरि संचालन भेल। जाहिमे मिस्यु नेपाल सप्तरीक अध्यक्ष मो. हसन राजा’क अध्यक्षता, विद्यालयक प्रधनाध्यापक’क प्रमुख आतिथ्यमे प्रशिक्षण देल गेल। कक्षा -८ सँ १२ धरिक ४०टा सहभागीकें प्रशिक्षक मिलाफ नेपालक अध्यक्ष देवेन्द्र मिश्र आ मिस्यु नेपालक केन्द्रीय सचिव गजेन्द्र गजुरद्वारा विभिन्न ४ शीर्षक भाषा-साहित्य-कला-संस्कृति, मैथिली लेखन, तिरहुता लिपि आ मिथिलाक महान व्यक्तित्व सभक जिबनी सेहो जानकारी देल गेल। मातृभाषा प्रति हमरा सबकेँ सजग, जानकार आ उत्साहित एहि कार्यक्रमसँ भेली – से कक्षा -१२मे अध्ययनरत छात्रा दिव्या यादवक कहब अछि एहने बिचार धन्नजय इसर सेहो व्यक्त केलक। एहि कार्यक्रम मिस्युक सप्तरी उपाध्यक्ष आरती साह, सचिव सत्यनारायन पंडित, सह-सचिव मुकेश चौधरी, कोषाध्यक्ष चन्दा साह, सदस्यमे विजय राम, संजय मंडल, राजकुमार यादव, राजेश मंडल, केन्द्रीय सदस्य मो. अमीन अलि सहित मिलाफ नेपाल संग सहकार्य सँ कवि कमल मंडल, गीतकार श्रीराम मंडल सेहो सहभागी भेल रहथि।उक्त कार्यक्रममे ३ टा विद्यार्थीक पुरस्कृत सेहो कएल गेल अछि।”

विदित हो जे मिसू नेपाल द्वारा स्थापनाकालहि सँ जैड़ मे सिंचन करैत अपन मातृभाषा सँ जन-जन केँ जोड़बाक यथार्थ कार्य कयल जा रहल अछि। राज्यक संरक्षण नहि भेटबाक कारण आ शिक्षा नीति मे मातृभाषा केँ स्थापित करबाक नियत सेहो नहि रहि गेलाक कारण एहि प्रशिक्षण कार्यक्रम सँ स्कूली छात्र-छात्रा केँ बहुत लाभ भेट रहल छन्हि। अपन माटि-पानि-संस्कृति-इतिहास-महापुरुष आदिक विषय मे महत्वपूर्ण जानकारी भेटला सँ विद्यार्थी लोकनि मे उत्सुकता बढि गेलाक बाद ओ सब स्वतः अपन मातृभाषा मैथिली ताकि-ताकिकय पढता, लेखन कार्य मे जुटता आ एहि तरहें एक अत्यन्त प्राचीन आ सम्पन्न भाषा-साहित्य केँ भविष्य सुरक्षित होयत। संगहि जन-जनमे भाषाक पहुँच बनि गेलाक बाद एकर वर्तमान उपेक्षित स्वरूप मे सेहो परिवर्तन एबाक संभावना बढि रहल अछि। मिसू नेपालक भरपूर सराहना मैथिली अभियानी समाज द्वारा कयल जा रहल अछि।