गरीबी कोना घटय – समय-सान्दर्भिक कविता
कविताः गरीबी उन्मूलन – प्रवीण नारायण चौधरी, विराटनगर, नेपाल गरीबी कोनाक घटय मंच जीवनक सजल कवि लिखै अछि गजल कल्पनाकेर संसारमे माथ हरदम सोचय काज बस कोना हुअय गरीबीकेर नाम पर कवित आर कथा लिखी सुनि जेकर किछु मर्म लोक जे कानय-बजय मंत्रमुग्ध भऽ सब कियो चारू दिशि ताली पीटय भावनामे बहियो कियो कानि-कानि छाती … गरीबी कोना घटय – समय-सान्दर्भिक कविता









