मिथिलावादक मूल शत्रु के? निष्क्रियता आ शिथिलता या राजनीतिक नैराश्यता?
विचार – प्रवीण नारायण चौधरी यथार्थ चिन्तन वर्सेज खोखला-ढकोसला ‘ईज्म’ हमर मिथिलावासी केँ जेहेन माटि-पानि-आवोहवा भेटल छन्हि ताहि मे सवा कट्ठाक उपज सँ ओ आत्मसन्तोषक संग जीवन निर्वाह कय सकैत छथि, मुदा अयाची मिश्र केर बाद एखन धरि दोसर किनको नाम एहि आत्मसन्तुष्टक सूची मे नहि देखल गेल अछि। गाम-गाम घुमला सँ विदेह रूप … मिथिलावादक मूल शत्रु के? निष्क्रियता आ शिथिलता या राजनीतिक नैराश्यता?









