मैथिली फिल्म केर बढैत बाजार आ बढैत रोजगार – भाषाक नीक भविष्यक संकेत

भाषाक भविष्य स्वतंत्र सृजनशील स्वयंसेवक केर बढोत्तरी सँ होइछ
 
एक दिश किछु लोक मैथिली भाषा केँ कमजोर बनेबाक लेल कतेको कुतर्क करैत भेटैत अछि, मुदा ओत्तहि दोसर दिश लाखों युवा नव-नव सृजनशील प्रयास सँ भाषा केँ बढेबाक दिशा मे स्वयंसेवक बनिकय काज करैत देखाइत अछि। अनुज अभियानी निराजन झा केर ओ बात मोन पड़ि जाइत अछि जे ओ मैथिली महायात्राक कोलकाता एपिसोड मे करेन्सी बिल्डिंग सभागार मे बाजल छल –
 
मैथिली लेल काज करय वास्ते केकरो कहला पर कियो नहि काज करैत अछि, कोनो अदृश्य शक्ति ओकरा आप सँ आप काज करय लेल प्रेरित करैत छैक आर ओ एक अकाट्य कार्यकर्ता बनि जाइत अछि।
 
हम एहि भाव सँ पूर्णरूपेण सहमत छी। मैथिली लेल काज करबाक वास्ते केकरो कोनो विधा मे कहियो निर्देशन दय केँ काज नहि करायल जा सकैत छैक। मैथिल जनसमुदाय मे अपने ततेक बेसी बुद्धि आ स्फुरणा रहैत छैक जे केकरो कहला पर ओ १७ ठाम छिड़ियाइत य, लेकिन जहिया अपन आत्मा ओकरा कहि दैत छैक जे ई (फल्लाँ) काज तूँ करे, तहिया सँ ओ स्वस्पूर्त रूप मे मैथिलीक कार्यकर्ता बनि जाइत अछि।
 
आइ सोशल मीडिया पर ई एक गोट पोस्टर देखायल। मैथिली आ भोजपुरी भाषाक स्टार सब केँ एक ठाम आनि रहल अछि आयोजक। फिल्म लाइन आब बम्बई टा मे सीमित नहि रहि गेलैक। कैमरा सँ लैत फिल्मक विभिन्न तकनीक आइ सर्वसुलभ भऽ गेला सँ गाम-गाम मे फिल्म इंडस्ट्री खुजि गेल छैक। कलाकार बनय लेल सिर्फ हिम्मत चाही। कैमरा फेस करबाक सामर्थ्य आबि गेल, अहाँ फिल्मी कलाकार बनि सकैत छी। निर्देशक बनय लेल किछु समय केर प्रशिक्षण आ कनिको-कनिको तरीका सीखि लेलहुँ, अहाँ निर्देशक बनि गेलहुँ। फिल्म तैयार करबाक सब व्यवस्था ठाम-ठाम पर भेटि जायत। ई सब तकनीक सर्वसुलभ होयबाक क्रान्ति सँ संभव भेल छैक।
 
मैथिली भाषा जहिना १० करोड़ जनसंख्याक भाषा मानल जाइत छलैक, जेकरा राजनीतिक षड्यन्त्रकारी सब तोड़ि-फाड़ि १-२ करोड़ मे सीमित कय देने छल, तेकर वास्तविकता आब मैथिली फिल्म वा मनोरंजनात्मक गीत-संगीत-प्रहसन वीडियो केर लोकप्रियता सँ ज्ञात होइत अछि। आइ के समय मे कोनो गीत मैथिली मे बनाउ आ ओकर व्युअर्स देखू, आ भाषा-कुकाठी जेकाँ अपनहि सँ अपन भाषा केँ ठेंठी, मगही, बज्जिका, अंगिका कहिकय तोड़ब त ओकर व्युअर्स देखू, पता लागि जायत जे केकर कतेक जनसंख्या अछि। भोजपुरी भाषाभाषी यैह व्युअर्स केर कारण २५ करोड़ होयबाक दाबी करैत अछि। खैर… एखन एहि लेल खुशी होउ जे मैथिली आ भोजपुरीक सहोदरी सँ गाम-गाम धरि फिल्म उद्यम आ रोजगारक संख्या काफी बढि गेल अछि।
 
मैथिली जिन्दाबाद!!
 
हरिः हरः!!