मनोरंजन मे अश्लीलता केँ मिथिला समाज मे बढावा के देलक?
विचार – प्रवीण नारायण चौधरी आर…. ई देखू! समाज यथार्थता – अश्लीलता केकरा लेल वर्ज्य हो? मनोरंजन मे ‘अश्लीलता’ जतय बहुल्य समाज स्वयं कलाकार सँ माँग करैत अछि, ओत्तहि एकटा वर्ग एहनो अछि जे अपना केँ ओहि सँ बचाबय लेल ‘फतवा’ जारी केलक अछि। कोनो एक गायिकाक एक गीत केर मुद्दा त बस एकटा निश्चित … मनोरंजन मे अश्लीलता केँ मिथिला समाज मे बढावा के देलक?









