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प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिली फिल्म ‘जिला बेगुसराय’ केर मुहूर्त ७ फरवरी केँ मुम्बई मेः नव वर्ष मे नव सौगातक बरसात

२४ जनवरी २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली फिल्म लेल नव वर्ष २०१९ नव-नव उपहार लय केँ आयब शुरू भऽ गेल अछि। एक दिश मैथिलीक म्यूजिक केर वीडियो एल्बम केर बाढि सँ करोड़ों मैथिलीभाषी नित्य नव गीतक उपहार पाबि रहल छथि, दोसर दिश कतेको रास तैयार आ तैयारी मे रहल फिल्म सभक समाचार सँ सोशल मीडिया पाटल मैथिली फिल्म ‘जिला बेगुसराय’ केर मुहूर्त ७ फरवरी केँ मुम्बई मेः नव वर्ष मे नव सौगातक बरसात

क्लोथ बैंक धनुषाक कार्यालय खुजल जनकपुर मे

जनकपुरधाम, २२ जनवरी २०१९ । मैथिली जिन्दाबाद!! गरीब, असहाय, अभावग्रस्त केँ नव कपड़ा दान करयवला मानव-सहयोगी संस्था ‘क्लोथ बैंक धनुषा’ आब अपन कार्यालय खोलिकय सेवाग्राही केँ सेवा पहुँचेबाक शुभ कार्य आरम्भ कयलक अछि। धनुषा जिला सहित जनकपुरधाम मे एनिहार अन्य जिलाक सेवाग्राहीक संग प्राकृतिक प्रकोप, दुर्घटना-घटना सँ प्रभावित व्यक्ति सभक लेल लत्ता-कपड़ाक आवश्यकता केँ पूर्ति क्लोथ बैंक धनुषाक कार्यालय खुजल जनकपुर मे

कम सँ कम मिथिलावासी केँ संस्कृत शिक्षा आ पाण्डित्य परम्पराक निर्वहन करबाक चाही

वैदिक एवं संस्कृतभाषा मे शिक्षाक महत्व   मानव जीवन लेल उपयोगी सब ज्ञान, विज्ञान, पद्धति, मीमांसा, तर्क, न्याय, दर्शन आदि विषयक शिक्षा संस्कृत मे अदौकाल सँ होइत रहल अछि। आजुक समय मे हमरा लोकनि जेना गम्भीर शोध लेल वैदिक विधान – संस्कृत मे उल्लेखित सूत्र आदिक अध्ययन सँ आधुनिक विज्ञानक खोज मे अपना केँ अग्रसर कम सँ कम मिथिलावासी केँ संस्कृत शिक्षा आ पाण्डित्य परम्पराक निर्वहन करबाक चाही

प्रवीण डायरी – २०१२ – भाग ४

पूर्व केर ३ भाग उपरान्त १ अक्टूबर २०१२ चलू चलै छी पिता मिलन लऽ! पंछी छी हम हुनकहि पोसा, नाम हमर छी मनु तोता। खन विचरी पसरी आ ससरी, पिपर छी अपन खोता॥ उपजा हेतु कर्म के हरवाह वसुधा पूरा निज जोता। भाग के बरखा पिता के हाथे द्वन्द्व फसल लगबी गोता॥ आत्मारूपी परमात्माक तोता प्रवीण डायरी – २०१२ – भाग ४

भारतक राजनीतिक परिदृश्य पर किछु विशेष बात

विशेष सम्पादकीय एखन भारत मे राजनीति केर दृश्य सोशल मीडिया पर बड़ा रोचक अवस्था मे पहुँचि गेल अछि। सोशल मीडिया अपन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करैत विगत किछु वर्ष मे मूलधाराक मीडिया केँ ई सोचय लेल मजबूर कय देलकैक अछि जे दिन भरिक रटी-रटायी खबैर सँ आब दर्शक केँ टेलिवजन या रेडियो या पत्र-पत्रिका आदि मे नहि भारतक राजनीतिक परिदृश्य पर किछु विशेष बात

मधुकर बाबाक रचना विद्यापति समान जन-जन केर कंठ मे – मधुकर महोत्सव चैनपुर

चैनपुर, सहरसा। २१ जनवरी २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! चैनपुरक प्रसिद्ध नीलकंठ महादेव मन्दिर परिसर मे बीतल शनि दिन १९ जनवरी २०१९ केँ गुरु मधुकर महोत्सव केर रूप मे भोरुक रथयात्रा सँ लैत अबेर संध्या धरि कइएक सत्र मे साहित्यिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम सभक आयोजन कयल गेल। देवाधिदेव महादेव केर महान भक्त एवं कवि-साहित्यकार पंडित मधुकर मधुकर बाबाक रचना विद्यापति समान जन-जन केर कंठ मे – मधुकर महोत्सव चैनपुर

मिथिलाक लीजेन्ड नाटककार महेन्द्र मलंगियाक जन्मदिवस पर प्रवीण शुभकामना

मैथिली भाषाक महान नाटककार – साहित्यकार – विद्वान् आ संगहि-संग मैथिली केँ जनभाषा बनेबाक लेल कृत-संकल्पित महान अभियन्ता – श्री महेन्द्र झा उर्फ महेन्द्र मलंगिया जी केर आइ जन्मदिन केर जनतब मैथिली भाषाक इनसाइक्लोपीडिया डा. रमानन्द झा रमण केर वाल पर देल गेल जानकारी सँ तुरन्ते पता चलल।   सब सँ पहिने हमर प्रणाम – मिथिलाक लीजेन्ड नाटककार महेन्द्र मलंगियाक जन्मदिवस पर प्रवीण शुभकामना

मैथिलीक वरेण्य साहित्यकार ‘कथाकार अशोक’ केर जन्मदिवस पर प्रवीण शुभकामना

जन्मदिन पर प्रवीण शुभकामना आदरणीय कथाकार अशोक – मैथिलीक वरेण्य साहित्यकार केँ! आदरणीय सर – मैथिलीक वरेण्य साहित्यकार, नामहि थिकन्हि ‘कथाकार अशोक’ आर यथार्थतः विज्ञ एवं सुझ-बुझ सँ भरल स्रष्टाक रूप मे विगत किछेक वर्षक अभिभावकत्व हमरो भेटल अछि। दूरदृष्टिसम्पन्न व्यक्तित्व आ विशेष रूप सँ ई जननिहार जे ऐगला पीढी केँ वर्तमान बाजारवाद युग मे मैथिलीक वरेण्य साहित्यकार ‘कथाकार अशोक’ केर जन्मदिवस पर प्रवीण शुभकामना

अन्तर्राष्ट्रीय विद्यापति महोत्सव २०१८ जोगबनीक आयोजन विभिन्न कार्यक्रम सँ

मैथिली भाषाक मिठास मे सराबोर जोगबनी-विराटनगर केर विशाल जनमानस – माला मिश्रा, जोगबनी। विश्व भरि मे बहुत कम प्राचीन भाषा अछि जेकर अपन समृद्ध इतिहास आइयो ओतबे गतिशीलता सँ चलि रहल अछि, ताहि मे एक गोट भाषाक नाम अछि ‘मैथिली’। सर्वधर्म – सर्वजाति – सर्वसमुदाय जे जनक-जानकीक मिथिलाक्षेत्र मे जन्म पेलक ओ सभ एहि मृदु-मधुर अन्तर्राष्ट्रीय विद्यापति महोत्सव २०१८ जोगबनीक आयोजन विभिन्न कार्यक्रम सँ

सुखसेना सँ बंगलुरू धरि अपन आइडिया केर झंडा बुलन्द कयनिहार युवा ‘राकेश कुमार झा’

साक्षात्कार मिथिलाक युवा मे विद्या आ बुद्धि संग विवेक, करुणा, दानशीलता, समाजसेवा आ हर तरहें अपन जीवन केँ बिल्कुल जनक समान कर्मठ बनेबाक प्रखरता – एतेक रास सद्गुण एक्के व्यक्ति मे भेटि जाय त बुझू बड पैघ बात भेल। जी! ई सब बात एक गोट युवा मे विशेष रूप सँ देखलनि मैथिली जिन्दाबाद केर संपादक सुखसेना सँ बंगलुरू धरि अपन आइडिया केर झंडा बुलन्द कयनिहार युवा ‘राकेश कुमार झा’