भारतक राजनीतिक परिदृश्य पर किछु विशेष बात

विशेष सम्पादकीय

एखन भारत मे राजनीति केर दृश्य सोशल मीडिया पर बड़ा रोचक अवस्था मे पहुँचि गेल अछि। सोशल मीडिया अपन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करैत विगत किछु वर्ष मे मूलधाराक मीडिया केँ ई सोचय लेल मजबूर कय देलकैक अछि जे दिन भरिक रटी-रटायी खबैर सँ आब दर्शक केँ टेलिवजन या रेडियो या पत्र-पत्रिका आदि मे नहि आकर्षित कयल जा सकैत अछि, कहीं आकर्षित हेबो करत तऽ दर्शक-श्रोता केँ ओहि सँ बान्हिकय त एकदम्मे नहि राखल जा सकैत छैक। तखन सोशल मीडिया केर उपयोग करैत ओहो इलेक्ट्रानिक आ प्रिन्ट मीडिया सब अपन वोकल फोकस करैत देखल जा रहल अछि। आर एहि तरहें भारत केर आगामी आम निर्वाचन केर पूर्व संध्याकाल एकदम कुश्तीक अखाड़ा बनल देखाइत अछि।
 
एनडीए – नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस आ युपीए – युनाइटेड पिपुल्स एलायंस एकर आरम्भ क्रमशः २० आ १५ वर्ष पूर्व मे भेल छल। आब बुझाइत अछि जे एकरो दिन लैद गेलैक। एनडीए केर शाइनिंग इंडिया आ फील गूड केर सकारात्मक मौसम केँ अचानक चेन्ज करैत युपीए सत्ता मे प्रवेश करैत अछि आर सब सँ पैघ राजनीतिक दल भारतीय काँग्रेस केर मुखिया सोनिया गाँधी द्वारा मनमोहन सिंह केँ प्रधानमंत्री बनाकय महत्वपूर्ण १० वर्षक शासन चलबैत अछि। भारतीय जनता पार्टीक नेतृत्व सँ चलयवला एनडीए केर प्रदर्शन २००९ केर आम चुनाव मे कोनो पैघ उपलब्धि हासिल नहि करैत अछि, आर एहि तरहें अटल बिहारी वाजपेयीक बाद पूरे भारत केर एक सर्वमान्य नेताक रूप मे लाल कृष्ण आडवाणी सफल नहि भऽ पबैत छथि।
 
२००९ सँ २०१३ धरि राजनीति विभिन्न करोट फेरैत आगू बढैत रहैत अछि। आर भाजपा द्वारा २०१३ मे गोआ महाधिवेशन सँ प्रधानमंत्री कार्ड खेलाइत हिन्दुत्व आ हिन्दुवादक एक बहुचर्चित चेहरा ‘नरेन्द्र मोदी’ केँ आगू करैत अछि। एकर बड पैघ प्रतिक्रिया भारतीय राजनीतिक परिदृश्य पर पड़ैत छैक। भारतक धर्मनिरपेक्षता सँ थाकि चुकल बहुसंख्यक हिन्दू धर्म मे अपन आस्था रखनिहार मोन बना लैत अछि जे हिन्दुत्वक एजेन्डा पर राजनीतिक डेग बढौनिहार दल यानि भारतीय जनता पार्टी केँ अगुवाई दी। आर भाजपा अपन लक्ष्य प्राप्त करैत सत्ता मे ‘एनडीए’ केर गठबंधन केँ वापसी करबैत अछि। सत्ताक प्राप्ति आ भाजपा केँ असगरे बहुमत प्राप्ति सँ भारत बहुत रास गम्भीर बदलाव लेल मोन बना लेलक आर विश्व केँ जहिना अटलजी पोखरण परमाणु परीक्षण करैत ओ एटम बम केर धमाका सँ किछु महत्वपूर्ण सन्देश देने छलाह, ठीक तहिना नरेन्द्र मोदी सरकारक नेतृत्व करब आरम्भ करिते विश्व केँ एहने कय गोट धमाकेदार संकेत दय देलनि जे भारत सचमुच आर्थिक, सामरिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक आदि प्रत्येक दृष्टिकोण मे गुलामीक मानसिकता सँ ऊपर अपन मौलिक स्वरूप मे वापसी करय चाहि रहल अछि। भारतीय सांस्कृति राष्ट्रवाद केर ई प्रखर आवाज दुनियाक महाशक्तिरूपी राष्ट्र अमेरिका, रुस, ब्रिटेन, चीन, जर्मनी, फ्रांस आदि लेल स्पष्ट संकेत सिद्ध भेलैक। भारत मे ‘अच्छे दिन’ केर शुरुआत एहि तरहें भऽ गेलैक। हिन्दू राष्ट्र केर परिकल्पना अपन स्वरूप पकड़ब शुरू कय देलक। हर भारतीय केँ अपन मौलिक स्वरूप केर चिन्तन विश्व परिवेश मे बढैत दखलंदाजी सँ होबय लगलैक।
 
आब आउ सत्ता संचालन पद्धति पर – भ्रष्टाचार जतय जैड़ जमा लेने अछि, शासन, प्रशासन सँ लैत जनता-जनता मे जतय भ्रष्टाचार, अनाचार, कदाचार आदि घर कय गेल अछि ताहि ठाम भारतीय जनता पार्टी अपन कठोर डेग उठबैत कालाधन आ बेनामी संपत्ति पर अंकूश लगेबाक महात्वाकांक्षी योजना यानि ‘नोटबन्दी’ – डिमोनिटाइजेशन जेहेन कार्य पोखरण परमाणु बम जेकाँ धमाका केलक। एकर लाभ कतेक दूरगामी भेलैक जे आबयवला समय मे एक-एक जनता द्वारा चर्चा कयल जेतैक। आर तहिना देश मे अलग-अलग तरहक टैक्स केँ खत्म कय एक कर प्रणाली – यानी गुड्स एन्ड सर्विस टैक्स ‘जीएसटी’ लगा देलक। एहेन किछु आरो महत्वपूर्ण धमाकेदार योजना लागू करबाक लेल सिर्फ एक कारण सँ शेष रहल जे भारत मे पार्लियामेन्ट्री प्रतिनिधि आ राज्यसभा सदस्य केर संयुक्त बहुमत सँ कोनो विधान पास होइत छैक, एनडीए केँ ताहि लेल समय लगलैक आ मैनेजमेन्ट मे सेहो स्थिति ओकरा लोकनिक चाहत मुताबिक नहि रहलैक। अतः कारज धीरे होत है, काहे होत अधीर केर तर्ज पर एनडीए & मोदी सरकार काज केलक, कय रहल अछि।
 
दोसर दिश विपक्ष केँ कोनो खास मुद्दा नहि भेटि रहल छैक जाहि पर ओ जनता सँ अपना लेल पुनः सत्तावापसीक मजबूत पहल करत। तैँ फुकास्टिंग – यानि मीडियाबाजी कय केँ मोदी सरकारक उपलब्धि केँ नकारात्मक सिद्ध करबाक लेल केवल हल्ला-हुल्लड़ कय केँ पुनः भारतक बड पैघ आबादी जे निरक्षर, कम साक्षर आ जातियताक भँवड़ मे बेसीकाल फँसि जाइत अछि – यानि दलित, महादलित, किसान, आरक्षण, आदिक बेकार आ ब्यर्थ मुद्दा सबपर राजनीतिक हुल्लड़बाजी कय केँ देश मे माहौल बना सत्ता पर वापसीक सपना दिनहुँ मे देखल जाइत अछि एतय। आर एहि सपना केँ पूरा करबाक भार लैत अछि ‘पेड मीडिया’। सौदा होइत अछि एतय, केकरा पक्ष मे केहेन माहौल बनायल जाय – केकर सच्चाई केँ सेहो झूठ मे बदैल देल जाय, कोनो महत्वपूर्ण उपलब्धि पर सेहो कुचर्चा कय केँ ओकरा गलत बना देल जाय…. एहि सब तरहक कुकार्य करैत देशक राजनीतिक माहौल मे सत्ताक खेलावेला कयल जाइत अछि। आर जखन विपक्ष एहेन काज करत त स्वाभाविक छैक जे राजनीति मे साम, दाम, दंड आ भेद सब किछु प्रयोग करबाक सम्पूर्ण अधिकार हिन्दुत्वक नारा दैत भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रवादी नेतृत्व केँ सेहो खेला-वेला करहे टा पड़तैक। ओ चाहे आरक्षण केर शिगूफा हो, चाहे एससीएसटी एक्ट केँ पुनर्स्थापना, चाहे अन्य कोनो बात। देश केँ चाही कड़ा निर्णय लयवला नेतृत्व आर से काज सिर्फ एनडीए सँ संभव होयत कारण आन तऽ निजत्व केँ नीलाम कय छद्म निरपेक्षता आदिक खोखला आवाज दैत अछि। विशेष पुनः बाद मे! ॐ तत्सत्!!
 
हरिः हरः!!