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प्रवीण नारायण चौधरी

नग्नताक प्रयोग मे चूकः मैथिली फिल्मक बाजार नहि बनय दैछ?

Is nudity the compulsion for films? Does sex sell more or attract the crowd to silver screen? ई दुनू विन्दु पर मैथिली फिल्म केर अवस्था कि अछि? हम विशेषज्ञ नहि छी। हमरा जिज्ञासा एहि लेल बनि रहल अछि जे ‘मैथिली-मिथिला’ केर वर्तमान क्रान्ति युग मे मैथिली फिल्म केर फेल्यर कि सब छैक – से जानय नग्नताक प्रयोग मे चूकः मैथिली फिल्मक बाजार नहि बनय दैछ?

मैथिली फिल्म लेल २०१७ क्रान्तिकारी वर्ष सिद्ध होयत

शुभ नारायण झा, दिल्ली। जनबरी २, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली फिल्म केर अस्तित्व मे एना भले ५० वर्ष सँ आब ऊपर भेल लेकिन आइयो ई लांगड़-लूल्ह जेकाँ गतिशील अछि जे चिन्ताक विषय थीक। कहबी छैक जे भाषाक प्रचार हो आ कि अपन संस्कृति संग जुड़ाव राखि आत्मगौरवक अनुभूति करब हो – एहि दुनू बात लेल मैथिली फिल्म लेल २०१७ क्रान्तिकारी वर्ष सिद्ध होयत

नव वर्ष पर मिथिला मे दहेज प्रथा पर ललित केर दू टूक बात

मिथिला मे दहेज – ललित कुमार झा, सीतामढी। हालः गुवाहाटी भारद्वाज गोत्रीय मैथिल ब्राह्मण, पचास बसंत हम पार । शिक्षक गणित’क आओर कवि, तें अनुभवी हमर आधार ॥ सामाजिक जीवनक काव्यात्मक, गणित करबाक अभ्यस्त । दहेज’क मादे किछु कहब, सुनू मैथिल समाज समस्त ॥ 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 विवाह मिलन दू खानदान’क, भविष्य निर्माण’क आयोजित हर्ष । मानव सभ्यता’क सुंदरतम संस्कार, जीवनक नव वर्ष पर मिथिला मे दहेज प्रथा पर ललित केर दू टूक बात

मैथिली सिनेमाक नीक दिन कहिया आओत?

विशेष संपादकीय मैथिली सिनेमाक गोल्डन जुबिली वर्ष बीत गेल। सुसंयोग सँ भारत मे पहिल बेर मैथिली भाषाक सिनेमा ‘मिथिला मखान’ केँ ६३वाँ राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मे सर्वोत्तम मैथिली फिल्म पुरस्कार भेटल अछि, लेकिन दुर्भाग्य केहेन जे ईहो सिनेमा आम जनमानस केँ देखबाक लेल नसीब नहि भेल। काफी पैघ बजट मे बनल ई फिल्म संभवतः विदेशक मैथिली सिनेमाक नीक दिन कहिया आओत?

नव वर्ष २०१७ आर मैथिल कवि लोकनिक नव उपहार ‘कृति’

नव वर्ष २०१७ केर शुभकामना मैथिली जिन्दाबाद केर समस्त पाठक लोकनि! मैथिली भाषा चौजुगी जीययवला भाषा कियैक थीक से बेर-बेर स्पष्ट करैत आबिये रहल छी, एक बेर फेर कहय मे कोनो हर्ज नहि – मिथिलाक लोक अपन विद्याबल सँ सृजनशीलता श्रृंगार करय मे विश्वक विभिन्न सभ्यता मे अपना केँ बहुत आगू रखने छथि आर मैथिली नव वर्ष २०१७ आर मैथिल कवि लोकनिक नव उपहार ‘कृति’

बिटियाक स्नेह (कथा) आ मैथिल सँ विनती (कविता)

युवा मैथिली सृजन घनश्याम झा, राघोपुर दरभंगाक कविता आ कथा मैथिल सँ विनती विनती करैय छी मिथिलावासी, मैथिली जुनि बिसरू मैथिल भाषी।      गाम बिसरलौ, नाम बिसरलौ, चौकी आ दलान बिसरलौ, कन्सारक भुजल ओ भुजा, जुडिशीतलक थाल बिसरलौं। विनती करैय छी मिथिलावासी , मैथिली जुनि बिसरू मैथिल भाषी।        पाग बिसरलौं, पान बिसरलौं, पोखरि, बिटियाक स्नेह (कथा) आ मैथिल सँ विनती (कविता)

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन २०१६ देवघर मे कि सब भेल

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन देवघर (झारखण्ड) मे सम्पन्न समाचारः साभार राजविराज सम्वाददाता – अकादमिक पाठ्यक्रममे शामिल हो मैथिली । – झारखण्डमे मैथिली के भेटत द्वितीय राजभाषा के दर्जा । – धूमधाम सँ निकालल गेल शोभायात्रा । – ३५म् मैथिली अभियानी के देल गेल मिथिला रत्न सम्मान । अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन २२ आ २३ दिसम्बर के देवघर अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन २०१६ देवघर मे कि सब भेल

मिथिलाक उभरैत रचनाकार युवा लोकनिक रचना

वर्तमान तीव्र संचार युग मे मैथिली कविता, कथा, आलेख, विचार, समाद आदिक लेखनकार्य मे युवा मैथिल सब काफी आगू छथि। आउ किछु युवा रचनाकार सभक रचना मैथिली जिन्दाबाद केर पाठक लेल परसैत छीः १. नारायण मधुशाला (मूल घरः सिरहा, मिथिला – वर्तमान विराटनगर, मोरंग मे १२वीं कक्षा मे अध्ययनरत) घर कोनाक जाएब यार बात छै मिथिलाक उभरैत रचनाकार युवा लोकनिक रचना

केकरा लेल पूसक जाड़! – टिल्लू भाइ केर मर्मस्पर्शी कविता

ककरा लेल पूसक जाड़ ! – शिव कुमार झा टिल्लू    कांपि रहल हाड़ दरिद्रक … वाह रौ पूसक जाड़ ? मुदा ककरा लेल कोनो परवाहि नहि समर्थ लोक केँ दांत पर दांत गड़ौने .. मजूर गरीब अवलाक नेना सीमा चौकी पड़ तकैत सेना संग संग तथाकथित अवारा जीव बपहारि काटि रहल नेँगड़ा कुकुर ओकर केकरा लेल पूसक जाड़! – टिल्लू भाइ केर मर्मस्पर्शी कविता

ब्राह्मणः मार्कण्डेय काटजू

ब्राह्मण – मार्कण्डेय काटजू (मैथिली अनुवाद – प्रवीण नारायण चौधरी) हमर ब्लाग justicekatju.blogspot.in पर देल हमरे एक आलेख ‘The Caste system in India’ (भारत मे जातिय-व्यवस्था) मे हम भारतमे विद्यमान् जातीय-प्रणाली पर वर्णन केने छी। ओहि मे हम लिखने छी जे एक समय जातीय प्रणाली कोन तरहे समाज मे श्रम केर आधार पर आधारभूत वर्गीकरण ब्राह्मणः मार्कण्डेय काटजू