मैथिली कोनो विशेष जातिक नहि अपितु समस्त मिथिलावासीक आम मातृभाषा थिक
विचार – प्रवीण नारायण चौधरी भाषा लेखनी वा बाजब अथवा कोनो तरहक प्रस्तुति मे उत्कृष्टताक कारण एकरा ओहि जाति-वर्गक आरक्षित भाषा कहब ‘फूट डालो-शासन करो’ वला नीति अपनेनिहार नेता केँ भले सोहा जाएक, मुदा विद्वान्, कलाकार, गायक, विचारक, अभियानी, यथार्थ बौद्धिक प्राणी, बुद्धिजीवी आ विवेकशील केँ एहि तरहक धारणा राखब गलत आ पीड़ादायी अछि। … मैथिली कोनो विशेष जातिक नहि अपितु समस्त मिथिलावासीक आम मातृभाषा थिक









