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सगर राति दीप जरय – मैथिली साहित्यक अहोरात्रि कथा गोष्ठी लौफा (मधुबनी) मे सम्पन्न

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डा. रामसेवक झा, लौफा, मधुबनी। २५ जून, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!!

सगर राति दीप जरए कथा साहित्य गोष्ठी लौफा मे आयोजित
 
सगर राति दीप जरए कथा साहित्य गोष्ठी जाल्पा मध्य विद्यालय लौफाक प्रांगन मे शनिदिनक राति मे आयोजित भेल । कार्यक्रम केर विधिवत उद्घाटन डॉ.अरविन्द ठाकुर, प्रो.केदार नाथ झा, डॉ.रामसेवक झा, डॉ.योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’, डॉ. शिव कुमार प्रसाद एवं जगदीश प्रसाद मण्डल द्वारा संयुक्त रूप सँ दीप प्रज्ज्वलन करैत कएल गेल ।
 
कार्यक्रम केर संयोजक डॉ.योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’ उद्घाटन सत्र केर संचालन करैत आगत अतिथि लोकनिक स्वागत संग आभार सेहो प्रकट कएलनि । कार्यक्रम मे डॉ.योगेन्द्र पाठक ‘ वियोगी’ द्वारा लिखित ‘ रोबो’, बेचन ठाकुर द्वारा लिखित ‘नवघर’, जगदीश प्रसाद मण्डल द्वारा लिखित ‘बेटीक पैरूख’ एवं ‘क्रान्तियोग’, तथा राम विलास साहु केर काव्य संग्रह ‘कोसीक कछैर’ सहित कुल पाँच पुस्तकक लोकार्पण मंचासीन अतिथि लोकनि द्वारा संयुक्त रूप सँ कएल गेल । पुस्तक लोकार्पण केर अनन्तर क्रमश: कथाकार लोकनि पुस्तक केर समीक्षा कय लेखक केँ साधुवाद दैत लेखनी निरंतर अहिना बढ़ैत रहय से शुभकामना प्रकट केलनि ।
 
दोसर सत्र मे कुल २१ कथाकार क्रमश अपन-अपन कथा प्रस्तुत कएलनि । कथा साहित्य केर प्रथम सत्र में डॉ. अरविन्द ठाकुर “हमर भीतरका सियाना”, रामविलास साहु “आशीर्वाद”, प्रीतम निषाद “कौआ के बौआ”, कथा प्रस्तुत केलनि । कथा साहित्य केर दोसर सत्र मे जगदीश प्रसाद मण्डल “विघटन”, शम्भु सौरभ “दिलजान आंटी”, आनन्द मोहन झा “कृतघ्न” कथा प्रस्तुत केलनि । तृतीय सत्र मे नन्द विलास राय “सरकार हम पापी छी”, आनन्द कुमार झा “संवेदनाक शरण”, लक्ष्मी दास “घरवालीक झिरकी” शीर्षकयुक्त कथा प्रस्तुत केलनि । ओत्तहि चारिम आ पाँचम सत्र मे अजय कुमार दास’पिन्टु’ “जएह अपन सएह आन”, कपिलेश्वर राउत “गामे बीरान भS गेल”, विद्याचन्द्र झा “पथिक”, उमेश मंडल “उपरारि”, नारायण यादव “होनी-अनहोनी”, बेचन ठाकुर “स्वार्थान्ध” प्रस्तुत केलनि ।
 
कथा साहित्य केर अन्तिम सत्र षष्ठम् आ सप्तम में शारदानन्द सिंह “जुड़शीतल”, डॉ.योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’ “निर्णय” एवं राधाकान्त मण्डल “मानव आ माछ” तथा आनन्द मोहन झा “विश्वास”, शारदानन्द सिंह “होइ छै गोहाय” तथा दुर्गानन्द मण्डल “कर्मक फल” कथा अपन-अपन ओजपूर्ण अन्दाज मे प्रस्तुत केने छलाह । कथाकार द्वारा प्रस्तुत कथाक अनन्तर कथासाहित्यकार लोकनि समीक्षा सेहो कएलनि । सत्रक संचालन उमेश मण्डल एवं दुर्गानन्द मण्डल द्वारा कएल गेल ।
 
प्रारम्भ कुसुम लता जी द्वारा भगवती गीत एवं फुलेन्द्र पाठक केर स्वागत गान सँ भेल । संगहि मिथिला-मैथिली केर वास्ते शिक्षक राम किशोर सिंह द्वारा अपन कलाक प्रदर्शन कएल गेल । ओत्तहि कथा गोष्ठी मे प्रसिद्ध उद्घोषक रामसेवक ठाकुर सेहो अपन ओजपूर्ण शैली मे विभिन्न प्रस्तुति सँ श्रोता लोकनि केँ मन्त्रमुग्ध कय देलनि ।
 
कथाकार केर अतरिक्त कमलेश झा, संजीव कुमार शमा, राम किशोर सिंह, दीनानाथ युवराज सहित आरो कतेको गणमान्य मैथिली भाषा-साहित्य प्रेमीक उपस्थिति छल ।

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