कि नैन्सी केँ न्याय दियेबाक सामर्थ्य नहि बाँचल मिथिलालोकक अपन समाज मे?

जूलाई ४, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!!

नैन्सी हत्याकांड – २५ मई सँ काल्हि ३ जूलाई धरि हत्याक पूरा अतापता सामने नहि आयब आर एहि बीच नैन्सीक परिवार केँ स्थानीय दबंग सँ धमकी भेटब….

काल्हि ३ जूलाई नैन्सीक पिता कुमार रविन्द्र नारायण एसआइटी चीफ निधि रानी सँ झंझारपुर जाकय भेट केलनि मुदा हुनका बेर-बेर एतबे कहल गेलनि जे हत्या मे खुद हुनकहि परिवारक लोक शामिल अछि, पुलिस डायरी अदालत केँ दय देल गेल छैक, आब आगू अदालत केँ निर्णय करबाक छैक। मुदा हत्याक कारण, तौर तरीका आर आरोपी द्वारा कबूल कएल गेल वा नहि एहि सब बात पर एसआइटी चुप रहल।

परिवारजन द्वारा प्रारम्भिक जाँच केर समय स्वान दस्ता कतय‍-कतय गेल, गामोक लोक एहि वास्ते गवाही देबय लेल तैयार अछि, आदि बात सब बतेलाक बादो एसआइटी चीफ पर कोनो असर नहि पड़ब आर परिवारजनक कोनो बात पर ध्यान नहि देनाय, बल्कि परिवारवाला केँ मात्र शंकाक घेरा मे राखिकय जाँच केनाय – एहि सँ न्याय मिलबाक बदला स्वयं केँ फँसेबाक साजिश लगबाक बात जगजाहिर अछि। परिणामस्वरूप परिवारक लोक दहशत मे जीयय लेल बाध्य अछि।

एहि बीच स्थानीय एक गोट वर्तमान राजनीतिक शक्ति महागठबंधन केर बड़का नेता संग उठ-बैठ रखनिहार दबंग व्यक्ति मालिक यादव द्वारा नैन्सीक परिजन केँ खुलेआम धमकी दैत ई कहल गेल अछि जे एखन त मात्र दुइ गोटा केँ जेल पहुंचेलियौक अछि, आगाँ समूचा परिवार केँ बर्बाद कय देबौक, तोरा सब नवका पर भेल सेख-सम्पत्तिक धौंस देखबैत छँ – इत्यादि कहैत धमकी देलनि। जखन कि मालिक यादव केर बच्चा नैन्सीक पिताक विद्यालय मे पढाई करैत छल, ओहि बच्चाक तबियत खराब देखि शिक्षक अभिभावक केँ फोन कय बच्चा केँ घर लय जेबाक लेल कहने छलाह। बच्चा लय लेल एबाक क्रम मे विद्यालयक गेट कनी देरी सँ खुलबाक शिकायत पर ओ तमसाकय तू-तू-मैं-मैं करैत एहि तरहक धमकीक शब्द सब प्रयोग कएने छलाह। बाद मे एहि लेल थाना पर बैसारो भेल आर ओ अपन गलती स्वीकार करैत नैन्सीक परिवार केँ ओत्तहु टेढ बोली-वचन सब कहलैन, ई पता चलल अछि। 

नैन्सीक परिवारवला कानून प्रशासन केँ सब तह केँ लिखित रूप सँ सम्पूर्ण बातक जनतब दैत निष्पक्ष जाँच लेल गोहार लगायल गेल अछि, जँ परिवारहि केर लोक दोषी थिक ताहू वास्ते नार्को टेस्ट तक लेल सब तैयार रहबाक बात कहल गेल अछि, मुदा कतहु कोनो सुनबाई नहि, एहेन अवस्था मे न्याय कतय आर किनका सँ भेटत ई कबह मुश्किल अछि। परिवारक कहब अछि जे सीबीआई जाँच एकमात्र समाधान थिक।

नैन्सी हत्याकाण्डः समाजक चुप्पी उचित नहि, पीडित परिवार केँ अहाँक संग केर आवश्यकता
 
काल्हि नैन्सीक पिता कुमार रविन्द्र नारायण संग हालचाल पुछलहुँ। केस केर अवस्था कतय धरि पहुँचल आर आरोपी अपराधी सब मे केकर कि सब बयान आ तथ्य सब सोझाँ आयल एहि सम्बन्ध मे जानकारी लेबाक लेल सम्पर्क कएल।
 
काफी निराश आ हताश कुमार रविन्द्र नारायण कहलैन जे जाहि पोजिशन मे आइ स एक मास पूर्व छल ताहि पोजिशन मे एखनहु ई केस अछि। एसआइटी कि बनल मानू हमरा परिवार केँ एहि मे गाँथिकय हमरा सब केँ भेट रहल जनसमर्थन आ न्यायक आशा पर पानि फेर देलक। सोशल मीडिया सँ प्रचारित नैन्सी केँ न्याय दो मुहिम केर असर ई जरुर भेल जे हमरा घर पर बड़का-बड़का नेता आ पुलिस अधिकारी सब आबय लगलाह, मुदा कालान्तर ई हमरा सब लेल काल सिद्ध भेल अछि। हम सब कतहु सँ नहि चाहैत रही जे ई राजनीति करयवला अखाड़ा बनय, मुदा किछु लोक केँ हमर अबोध बचियाक जान गेलाक बाद अपन खरखाँही लूटबाक मौका भेटल आर आइ हमरा सब केँ पूछनिहारो कियो कतहु नहि अछि।
 
काल्हिये हुनका एसआइटी चीफ निधि रानी झंझारपुर मे भेंट करय लेल समय देने छलखिन। परिवार परेशान एहि लेल अछि जे असल हत्याराक पता लगेबाक बदला बेतूका तर्क मे परिवारहि केर दुइ भाइ केँ एसआइटी आरोपी मानि अपन सम्पूर्ण जाँच ओहि आसपास केन्द्रित केने अछि। जखन कि मुख्य आरोपी जेकरा विरुद्ध कतेको रास साक्ष्य मौजूद छैक तेकरा ओ सब कोनो पैघ दबाव मे निर्दोष मानिकय कहियो रिमान्ड तक पर नहि लेलनि, आ नहिये ओहि दिशा मे आरो कोनो छानबीन कएलनि। शुरुहे मे खोजी कुत्ता द्वारा लाश भेटल स्थान सँ कुत्ता केकर-केकर घर घूसल, ओ सब स्वयं ई मानितो अछि जे नैन्सी ओकरो घर गेल छल तैँ कुत्ता ओतय सेहो पहुँचल, फेर नैन्सीक पीसीक घर मे कुत्ता गेल आर तेकर बाद पवन-लालूक घर मे सेहो कुत्ता गेल – लेकिन पुलिसक डायरी मे केवल नदीक ओहि स्थान जतय लाश फेकल छल ओतय सँ सीधे नैन्सीक पीसीक घर टा केँ देखायल गेल अछि…. एहि सब सँ आशंका गहिंर होएत अछि जे आखिर हमर परिवार केँ एहि केस मे कियैक जानि-बुझि फँसायल जा रहल अछि।
 
किछुए दिन पहिने एकटा स्थानीय नेता टाइप केर पहुँचवला लोक जिनकर बच्चा नैन्सीक पिताक विद्यालय मे पढैत छल, ओहि बच्चाक तबियत खराब भेलाक कारण शिक्षक द्वारा बच्चा केँ घर लय जेबाक जानकारी देलापर ओ गार्जियन गेट पर आबिकय काफी हो-हल्ला कएलनि। एहि क्रम मे ओ सीधे धमकौलनि जे तोरा सभक घमंड बढि गेलौक अछि, दू टा केँ त जेल पठा देलियौक, बाकी केँ सेहो जेल पठबेबौक, आदि-आदि। एकर शिकायत नैन्सीक पिता व परिजन स्थानीय थाना मे कएलनि। बाद मे थानेदार हिनका सब केँ बजाकय बुझारत सेहो करौलनि। मुदा ओतय ओ दबंग नेताजी अपन बात सँ मुकैर गेलाह आ बदला मे टेढ बोली बाजि-बाजिकय नैन्सीक पिता ओ चाचा सब सँ अपन गलती लेल जुत्ता मारबाक लेल, केस करबाक लेल, आदि-आदि बात कहैत थानेदारक सोझाँ मे बात घुमबैत रहला। परिवार द्वारा सुरक्षाक मांग पर अन्धरा मठ थाना नैन्सीक पिताक विद्यालय ओ घरक सुरक्षा मे दुइ सुरक्षाकर्मीक बन्दोवस्त सेहो कयलनि। लेकिन एहि सब सँ स्पष्ट होएत छैक जे नैन्सी हत्याकाण्ड मे कोनो बड पैघ सरगना सक्रिय रहल। लालू-पवन केर विरुद्ध आरो लोक सब मौन गवाह दैत छैक, मुदा खुलिकय कियो बाजय लेल तैयार नहि छैक कियैक तँ सब केँ अपन जान प्यारा छैक। आब अन्दाज लगा सकैत छी जे ई काण्ड कतेक सुनियोजित ढंग सँ केकर सह पर भेल होयत।
 
खैर, एसआइटी जे जाँच कय रहलैक अछि ओ परिवारहि केर लोकक नाम केँ हत्याक आरोपी बना चहुँदिश पसरल विरोधक स्वर त एक्के बेर मे शान्त कय देलकैक। मुदा विडंबना जे भाजपा सहित विभिन्न अन्य दलक नेता आ सामाजिक कार्यकर्ता सब जे सहानुभूति देखबय लेल ओतय गेल छलाह हुनका सब केँ ई दायित्व नहि बनैत अछि जे एसआइटी केर पूर्वाग्रही जाँच प्रक्रिया पर उच्चाधिकारी सँ शिकायत करता आ निष्पक्ष छानबीन लेल सीबीआई जाँच केर माँग करता? परिवार द्वारा अपनो लोक होयबाक खंड मे दंड स्वीकार्य कहलाक बादो निष्पक्ष छानबीन लेल पूर्वाग्रही एसआइटी सँ ऊपर जाँच करेबाक लेल ई सब कियैक नहि आगू आबिकय समाजक एक पीडित परिवार आ जघन अपराधक प्रकरण केर समाधान निकालैत छथि? नैन्सीक पिता – चाचा आ सम्पूर्ण परिवार केस-दाढी तक कटौनाइ छोड़ि देने छथि – सब कियो दर-दर भटैक रहल छथि। मुदा समाज कतेक कठोर अछि जे एकटा पीड़ा मे रहल परिवार केँ संग देनिहार तक कियो कतहु नहि? एतेक घोर कलियुग आबि गेल अछि मिथिला मे?
 
हम आह्वान करैत कहय चाहब महादेवमठ आर आस-पड़ोसक गाम केर लोक केँ – जँ आइ अहाँ सब एहि घटना पर एक परिवार केँ तड़पैत देखितो चुप रहब त काल्हि परिपाटी बनि जायत। मेटा जायत एहि सिद्ध भूमि मिथिलाक मिथिलत्व जे बिपत्ति मे सब ओकरा संग दैत छैक। ध्यान रहय! पुलिस प्रशासन आइ महागठबंधन केर इशारा पर जँ अपन ताण्डव कय केँ एकटा प्रगतिशील ब्राह्मण परिवार केँ नष्ट-नाबूत करय पर तूलल अछी आर अहाँ सब चुपचाप सैह रहल छी – त एकर प्रतिक्रिया काल्हि कतेको घर केँ आगि लगा सकैत अछि। कतेको नैन्सीक संग एहेन दुर्घटना घैट सकैत अछि। समाजक लोक केँ चुपचाप सब किछु वर्दाश्त करैत एना केकरो असगरे फेफियाइत नहि छोड़बाक चाही। नेता सब भले खरखाँही लूटय लेल आयल, फोटो घिचेलक, मीडिया मे देखा गेल – ओकर कहानी साफ। मुदा अहाँ सब मुख्य छी। एक दिन त समय दियौक १० गोटे….! एक दिन एसआइटी सँ मुखापेखी बात करियौक झंझारपुर पहुँचिकय। एक दिन एसपी मधुबनी सँ सवाल पूछू जे आखिर एक महीना मे एहि केसक अपराधीक कबुलनामा आ सबूत सहित सब बात अदालत मे कियैक नहि राखल गेल अछि। परिवारक शंका आ साक्ष्य सब पर कियैक नहि ध्यान देल जाएत अछि। एहि लेल विशेष रूप सँ झंझारपुर आ मधुबनी व आसपास सब अभियानी – समाजसेवी – बुद्धिजीवी सब सँ हमर विनम्र अपील अछि। एहि पर सब कियो पीडित परिवारक पक्ष केँ सुनियौक। केकरो बिलखैत आ तड़पैत एना नहि छोड़ि दियौक। एक बेर हुनका संग दियौन आ एसआइटी केँ अपन काज सँ पीडित परिवारहु केँ संतुष्ट करबाक आग्रह करियौक। अहुँ सब हरेक बात केँ बुझियौक। निवेदन!
 
हरिः हरः!!