२९ जून २०२१। मैथिली जिन्दाबाद!!

नेपालक पहाड़ी जिला इलाम केर सूर्योदय नगरपालिका मे लागयवला महाकवि विद्यापतिक लगभग ६ फीट लम्बाई केर सम्भवतः पहिल पूर्ण कदकाठीक प्रतिमा – कलाकार विक्रमश्री इटहरी, फोटोः साभार केदार शर्मा (ट्विटर)
नेपालक पहाड़ी जिला इलाम केर सूर्योदय नगरपालिका मे नेपालक विभिन्न भाषा व पहिचान केर मूर्धन्य एवं अमर कवि लोकनिक प्रतिमा स्थापित कयल जेबाक निर्णय लेल गेल अछि। एहि क्रम मे सर्वप्रथम मैथिली भाषाक महाकवि विद्यापतिक प्रतिमा सुनसरी जिलाक इटहरी मे चर्चित मूर्तिकार विक्रमश्री बनायल गेल अछि। ई जनतब नेपालक चर्चित कवि एवं पत्रकार श्री केदार शर्मा द्वारा ट्विटर पर देल गेल अछि। महाकवि विद्यापतिक निर्माणाधीन प्रतिमाक फोटो साझा करैत ट्विटर सन्देश मे नेपाली भाषा मे ओ लिखने छथि –
“महाकवि विद्यापति इलाममा! सूर्योदय नगरपालिले वडा नं ११ मा विभिन्न जातीय कवि/भाषासेवीहरूको प्रतिमा स्थापना गर्ने भएको छ। यस क्रमको थालनी महाकवि विद्यापतिको प्रतिमाबाट हुँदैछ। फोटोः इटहरीमा रचनाक्रममा रहेको प्रतिमाको अवलोकनका लागि आएको नगरपालिकाको टोली र कलाकार विक्रमश्री!”
एहि सन्दर्भ मे मैथिली साहित्यकार एवं नेपाल संगीत तथा नाट्य प्रज्ञा प्रतिष्ठानक प्राज्ञ धीरेन्द्र प्रेमर्षि सेहो ट्विटर मार्फत सन्देश दैत कहलनि अछिः

महाकवि विद्यापतिक प्रतिमाक संग ठाढ संयोजिका सह सूर्योदय नगर-उपप्रमुख श्रीमती दुर्गदादेवी भट्टराई एवं प्रतिष्ठानक अन्य सदस्य लोकनि प्रतिमा अवलोकनक क्रम मे, फोटोः साभार केदार शर्मा
महाकवि विद्यापतिक प्रतिमा पहाड़क जिला मे लगेबाक अद्भुत सूझ कोना आयल एकर जवाब दैत श्रीमती भट्टराई बहुत सारगर्भित सन्देश दैत कहली जे “वास्तव मे मैथिली भाषा नेपालक प्राचीन भाषा थिक। विद्यापति नेपालक बड पैघ कवि भेलाह अछि। भाषा विकास मे अनेकहुँ साहित्यिक रचना महाकवि विद्यापति द्वारा नेपाल मे कयल जेबाक इतिहास अछि। हमरा लोकनि हुनकर योगदानक सम्बन्ध मे कतेको रास आख्यान सब सुनैत आ पढैत आबि रहल छी। संगहि ईहो बुझब जरूरी अछि जे नेपाल बहुभाषिक-बहुसांस्कृति-बहुपहिचानक राष्ट्र थिक। एतय नेपाली भाषाक संग-संग आरो सब भाषा-साहित्य मे योगदान देनिहार महान स्रष्टा लोकनिक सम्मान करब आवश्यक अछि। एहि सँ विभिन्न जात-जाति आ भाषा-भाषी समुदाय मे परस्पर सम्मान केर भावना सेहो विकसित होयत। नेपाली राष्ट्रियताक भावना केँ आर सुदृढ बनेबाक लेल एहि तरहक सद्भाव आ सम्मान सब भाषा-भाषी समुदाय बीच होयब आवश्यक अछि। मधेश प्रति पहाड़ मे सद्भावना आ भाइचाराक भावना रहय, तहिना पहाड़ प्रति मधेश मे रहय, एहि सब लेल हमर नगरपालिकाक कार्यकारिणी आ बुद्धिजीवी समाज द्वारा नेपालक विभिन्न भाषासेवी व जातीय कवि लोकनिक प्रतिमा लगेबाक निर्णय कयल गेल अछि। आगामी पीढी मे परस्पर सहयोग आ भाइचाराक सन्देश दय लेल एहि प्रतिमाक बड पैघ भूमिका होयत से विश्वास अछि।
