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मिथिला – नेपाल मे १०७ मध्य ४७ जन मैथिली मे शपथ लेलनि, कुल ४ भाषाक प्रयोग

जनवरी २४, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!!

सन्दर्भः भारतीय मीडिया द्वारा अलग-अलग प्रकृतिक समाचार सँ भ्रमक स्थिति मे मैथिली जिन्दाबाद द्वारा समीक्षात्मक रिपोर्ट

समाचार तथा फोटो साभारः अन्नपूर्ण पोस्ट

प्रदेश नम्बर दुइ प्रदेश सभा सदस्य द्वारा रवि दिन २१ जनवरी केँ जनकपुरमे आयोजित विशेष समारोहमे पद तथा गोपनीयताक शपथ ग्रहण कयल गेल अछि। जनकपुर उद्योग वाणिज्य संघक सभाकक्षमे आयोजित शपथ ग्रहण समारोहमे आठ जिल्लाक एक सय सात सांसद द्वारा अपन–अपन मातृभाषामे पद तथा गोपनियताक शपथ लेल गेल अछि। प्रदेश २ केर सांसद द्वारा विभ्नि चारि भाषामे शपथ लेल गेल।

प्रदेश प्रमुख रत्नेश्वरलाल कायस्थ द्वारा सभाक वयोवृद्ध सदस्य ७६ वर्षीय लगनलाल चौधरीकेँ नेपाली भाषमे शपथ ग्रहण करेलाक बाद चौधरी द्वारा सभाक अन्य १०६ सदस्यकेँ शपथ खुवलनि। चौधरी सिरहा निर्वाचन क्षेत्र नम्बर १ केर क’ क्षेत्र सँ प्रदेश सभामे एमालेक विधायक थिकाह। चौधरी अपने शपथ ग्रहण नेपालीमे केलनि धरि अन्य सदस्य द्वारा अपन-अपन मातृभाषमे शपथ ग्रहणक व्यवस्था होयबाक दबाव दैत किछु-काल हो हल्ला सेहो भेल छल।

समारोहक सञ्चालक धनुषाका प्रमुख जिल्ला अधिकारी दिलिपकुमार चापागाई प्रत्येक सदस्यकेँ अपन–अपन मातृभाषामे शपथ लय सकबाक व्यवस्था रहबाक उल्लेख करैत ताहि अनुरूप कयल जेबाक लेकिन शपथ पत्र नेपालीमे लिखल रहबाक कारण ओही मे सही (हस्ताक्षर) करबाक वास्ते सम्पूर्ण सदस्य सब केँ अनुरोध कयला उपरान्त सांसद लोकनि आरो बेसी आक्रोशित भेल छलाह।

राजपाक सांसद डिम्पल झा बजलीह, ‘हम सब अपन भाषा तथा पहिचानक लेल लंबा संघर्ष पश्चात् आई ई दिन देखि पेलहुँ अछि। ताहि हेतु अपन पहिचान आर मातृभाषामे लिखल गेल शपथ पत्रमे मात्र सही करैत ताहि अनुसार शपथ लेब।’ राजपा आर संघीय समाजवादी फोरमक अधिकांश सांसद लोकनि मातृभाषामे शपथ पत्र लिखबाक माँग कयला उपरान्त करीब दस मिनट विवाद भेल छलैक। लेकिन, निर्वाचन आयोगक पदाधिकारी, प्रदेश प्रमुखक सहमतिमे नेपालीसहित मैथिली, भोजपुरी, हिन्दी भाषामे समेत शपथपत्र अपनहि लिखिकय हस्ताक्षर करैत शपथ लय सकबाक सहमति देलाक बाद ताहि तरहें सांसद लोकनि शपथ वाचन केने छलाह।

एक सय ७ सदस्य मध्य मैथिली भाषामे ४७, भोजपुरीमे २५, नेपालीमे २४ आर हिन्दीमे ११ जन द्वारा शपथ लेबाक जानकारी प्रमुख जिला अधिकारी चापागाई देलनि।

कार्यक्रमक समापनमे प्रदेश प्रमुख कायस्थ एहि प्रदेशक पहिल अधिवेशन माघ २१ गते जनकपुरक शैक्षिक तालिम केन्द्रक सभाकक्षमे दिनक ११ बजेसँ शुरु होयबाक घोषणा कयलनि। ओ बजलाह, ‘ई ऐतिहासिक समारोह थिक आर आब एतय सँ शपथ खाकय निकललाक बाद सब सांसद लोकनि प्रदेश नम्बर २ केर विकास तथा स्थायित्वक लेल आ अपना तरफ सँ काज आगू बढायब, शुभकामना अछि।’

हतार हतारमे तय कयल गेल कार्यक्रममे बहुते रास त्रुटि सब सेहो भेल छल। कार्यक्रममे शहीदक सम्मानमे एक मिनट मौन धारण करब सेहो नहि भेलाक बाद संघीय समाजवादी फोरमक तरफ सँ धनुषाका प्रदेश सभा सदस्य रामअशिष यादव उठिकय आपत्ति जनबैत मौन धारण कराबय लेल संचालकक ध्यानाकर्षण करौने छलाह। सभाक समाप्ति दिस पहुँचि गेल अवस्थामे विधायक द्वारा कहलाक बाद शहीदक स्मरणमे मौन धारण करायल गेल छल। कार्यक्रम संचालक चापागाईं बजलाह, ‘एखन शुरुआती अवस्था अछि, हम सब करिते जायब आ सिखिते जेबाक क्रम मे छी।’

शपथ ग्रहण समारोहमे सहभागी होय सँ पूर्व प्रदेश सभा सदस्य लोकनिक समूह जानकी मन्दिरमे दर्शन वास्ते पहुँचल छल। प्रदेश प्रमुख कायस्थ सेहो जानकी मन्दिर पहुँचिकय विशेष पुजा-अर्चना केलाक बाद मात्र शपथ ग्रहण समारोहमे पहुँचल छलाह। कार्यक्रम १० बजेक लेल निर्धारित रहितो ४५ मिनट देरी सँ शुरु भेल छल। शपथ ग्रहण समारोह केँ दृष्टिगत करैत सुरक्षा व्यवस्था नीके कड़ा बनायल गेल रहय। शपथ ग्रहण स्थलमे मात्र सांसद तथा अधिकारीक रुपमे आमन्त्रण पायल व्यक्तिकेँ परिचय पत्र देखलाक बादे प्रवेश करय देल गेल रहय।

भारतीय मीडिया मे गलत समाचार संप्रेषण पर दु टप्पीः

भारतवर्षीय देश मे भारत आ नेपाल दुइ पड़ोसी मित्रराष्ट्र थिक। दुनू देशक सझिया भाषा-संस्कृति क्षेत्र प्रान्तीय अवधारणा अन्तर्गत भारत मे बिहार, बंगाल, उत्तरप्रदेश आ उत्तराखंड कहाएत अछि; जखन कि नेपाल मे वैह क्षेत्र तराई-मधेश कहाएत अछि। दुनू देशक मुख्य भाषा सेहो बहुत हद तक मिलैत छैक। नेपाल मे हिन्दीक भयंकर विरोध छैक। तैयो एकटा राजनीतिक धारा एतय हिन्दीक मांग करैत छैक। मैथिली, भोजपुरी, नेपाली, अबधी, सब दुनू कातक भाषाक रूप मे प्रचलित अछि। नेपालक दोसर सर्वाधिक बाजल जायवला भाषा मैथिली थिकैक।
 
अजय तिरहुतियाक लेख मे सेहो बहुत रास त्रुटि छन्हि। मधेश बहुल ८ राज्य – ई गलत अछि। मधेश भूमि पश्चिम बंगाल सँ सटल तराई जिला झापा सँ लैत बिहार सँ सटल जिला झापा, मोरंग, सुन्सरी, सप्तरी, सिरहा, धनुषा, महोत्तरी, सर्लाही, रौतहट, बारा, परसा, उत्तर प्रदेश सँ सटल जिला चितवन, नवलपरासी, रूपन्देही, कपिलवस्तु, दांग, बाँके, बर्दिया, कैलाली, उत्तराखंड सँ सटल जिला कंचनपुर (कुल २० जिला – अन्य मत सँ आरो किछु जिला यथा उदयपुर, सिन्धुली, मकवानपुर आदि मधेशहि मे गानल जाएछ) एतेक केँ मानल जाएत अछि। आब ई कहिया भारत छल, कहिया नेपाल आ आइ कियैक एना दुइ देशक बीच मे चेपाएत अछि, कतहु भऽ कय नहि अछि… ई सब वर्णन करब लंबा होयत। मुदा जे लेखक छी आ से जे बिना पढने-लिखने किछु स किछु लिखैत छी, एहि सँ बचबाक चाही।
 
नेपाल मे नव-नव संघीयता स्थापित भेलैक अछि। प्रान्तीय अवधारणा शुरुए भेलैक अछि। नव संघीय संविधान बस स्थापिते भेलैक अछि आर ताहि अन्तर्गत चुनाव सेहो संपन्न भऽ गेलैक। मिथिलाक्षेत्र अन्तर्गत प्रदेश २ मे कुल १०७ प्रदेश सांसद (विधायक) द्वारा अपन-अपन मातृभाषा मे शपथ लेल गेलैक अछि। नेपाली राष्ट्रभाषा सहित मैथिली, भोजपुरी आ हिन्दी मे शपथ लेल गेलैक अछि। एहि पर समाचार लेखन कयनिहार कोन तरहें अपन दृष्टि बनौलनि आ कि लिखलनि से हुनकर अपन दृष्टिक सीमा देखबैत छन्हि। प्रभात खबर कोलकाता सँ एहि बातक शिकायत हेबाक चाही जे सर्वाधिक सदस्य जाहि मैथिली भाषा मे शपथ लेलनि तिनका प्राथमिकता नहि दय आन केँ देलनि यानि कोनो न कोनो पूर्वाग्रह सँ ग्रसित छथि। एहि मे मैथिलीक अपमान ओ कयलन्हि आ कि मैथिलीक दिन लैद गेल – एहि सब सँ आश्वस्त रहय जाउ। ई नेपाल थिकैक। एतय एखनहु लल्लो-चप्पो राजनीति भारत जेकाँ नहि पसरल अछि। मैथिलीक सामर्थ्य केँ पूरे देश नमन करैत अछि।
 
हरिः हरः!!

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