सामाजिक एकजुटता मे दिन-दिन कमी के कारण की

सम्पादकीय २८ दिसम्बर २०२१ । मैथिली जिन्दाबाद!!   आइ एकटा विवाह उत्सव पर ताम-झाम मे लाखों रुपया खर्च करबाक नियति बनि गेल अछि। आब लोक पहिने जेकाँ...

वाणीक पवित्रता – भाषिक शुद्धताः शुद्ध आ परिष्कृत बोलीक आवश्यकता

वाणीक पवित्रता - भाषिक शुद्धता   वाणी (बोली) बड पैघ कारक तत्त्व होइछ जे सकल मानव जीवन केँ प्रभावित करैछ। वाणीक शुद्धता सँ शरीरक स्वास्थ्य, मनक...

सामाजिक संजाल केर लेखक-विचारक सँ किछु आग्रह

सामाजिक संजाल में लिखनिहार एहेन बहुतो लेखक-विचारक होइत छथिन जिनकर लेख-विचार पर उपस्थिति नहि देखायब त अहाँक सम्बन्ध ओ अलग पूर्वाग्रह राखि लैत छथि,...

मैथिली सँ भीन त भेलहुँ परिणाम कि भेटल से कथित बज्जिकाभाषी सँ पुछू

नेपाली जनगणना (२०७८) मे एकटा अजीब होड़ मचल अछि। विगत किछु वर्ष मे ओबीसी नाम के एक एनजीओ आ एकर किछु कार्यकर्ता सब मैथिली...

Bihar draws up a vigorous action plan, forms criticial care working group model to...

The COVID-19 pandemic has been a watershed moment in global health, as well as one of the most difficult challenges we've ever faced during...

मातृभाषाक महत्व

अपन मातृभाषा केर महत्व की?   मातृभाषा पर बहुत रास लेख अछि। हमर आग्रह जे एक बेर आर्ट अफ लिविंग श्री-श्री रविशंकर संग वार्ता पर आधारित...

मैथिली भाषा लेल चिन्ता आ चिन्तन – भाषिक एकरूपता कोना बनत

मैथिली लेखन मे एकरूपताक अभाव कोना दूर हो?     भाषा-विमर्श मे अक्सरहाँ ई चर्चा कयल जाइत अछि जे मैथिलीक कतेको रास शब्द अलग-अलग लेखक द्वारा अलग-अलग...

अपन मूल्य-मान्यताक समीक्षा कएने बिना दोसरक देक्शी सुरक्षित नहि

ई मृत्युभोज शब्द आइ-काल्हि मिथिलाक कतेको लोक केँ माथा डिस्टर्ब कएने छन्हि। वास्तव मे ई शब्द मिथिलावासीक विधान मे कतहु नहि छैक। लेकिन मिथिलाक...

भीड़ कतेक जुटल – देखाबा के राजनीति

भीड़ जुटाउ राजनीति चमकाउ   एहि मे कतहु दुइ मत नहि जे शिक्षा आ संस्कार केर बल पर स्वाभिमानी छी हम समस्त मिथिलावासी अर्थात् मैथिल। परन्तु...

केकरो धार्मिक आस्था या धार्मिक महापुरुष केर गलत चित्रांकन करब गलते कहल जाय

एहेन मृत्यु सँ शिक्षा लेब जरूरी   स्वीडन के कलाकार 'लार्स विल्क्स' जे इस्लामक पैगम्बर मोहम्मद साहेब पर आधारित निन्दित कार्टून बनेने छलाह से आइ एक...