रामचरितमानस मोतीः लंकादहन
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती लंकादहन पूर्व प्रसंगः रावण केँ हनुमान्जी बहुत गूढ़ सन्देश देलनि, तथापि अहंकार मे चूर रावण लेल ओ व्यर्थ भेल। आब रावण द्वारा हनुमान्जी केँ दण्डित करबाक क्रम चलि रहल अछि, अंग-भंग कय केँ वापस पठेबाक बात कहला उपरान्त आगू कहैत अछि – १. हम सबकेँ बुझाकय कहि रहल … रामचरितमानस मोतीः लंकादहन



