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प्रवीण नारायण चौधरी

रामचरितमानस मोतीः लंकाकाण्ड विषय सूची

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती लंकाकाण्ड विषय सूची १. षष्ठ सोपान – मंगलाचरण २. नल-नील द्वारा पुल निर्माण, श्री रामजी द्वारा श्री रामेश्वर केर स्थापना ३. श्री रामजीक सेना सहित समुद्र पार उतरब, सुबेल पर्वत पर निवास, रावणक व्याकुलता ४. रावण केँ मन्दोदरी द्वारा बुझेनाय, रावण प्रहस्त संवाद ५. सुबेल पर श्री रामजीक रामचरितमानस मोतीः लंकाकाण्ड विषय सूची

विवाह पंचमी विशेष शुभकामना

विवाह पंचमी विशेष शुभकामना   आइ पराम्बा जानकीक पाणिग्रहण मर्यादा पुरुषोत्तम राम संग भेल छल। विवाह पंचमी बड धूमधाम सँ मनायल जा रहल अछि। कतहु विश्व रेकर्ड, कतहु ढोल-पिपही, कतहु फेर सँ सीताजी आ रामजी केँ पाणिग्रहणक दृश्यक पुनरावृत्ति… बहुते किछु भ’ रहल अछि। ढ़कोसला सेहो बड बेसी भ’ रहल अछि। तथापि, शुभकामना लय-दय मे विवाह पंचमी विशेष शुभकामना

रामचरितमानस मोतीः सुन्दरकाण्ड विषय सूची

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती सुन्दरकाण्ड विषय सूची १. सुन्दरकाण्ड – पंचम सोपान आरम्भः मंगलाचरण तथा हनुमानजीक समुद्र पार पहुँचब २. लंका वर्णन, लंकिनी वध, लंका मे प्रवेश ३. श्री हनुमानजी एवं श्री विभीषणजीक भेंट ४. हनुमानजीक अशोक वाटिका मे सीताजी केँ दुखद अवस्था देखि स्वयं दुःखी होयब, रावण द्वारा सीता केँ भय रामचरितमानस मोतीः सुन्दरकाण्ड विषय सूची

एक अत्यन्त मनन योग्य लेखः चतुर्वर्णक व्याख्या – जन्म सँ नहि अपितु संस्कार सँ

लेख जन्मना जायते शूद्रः संस्कारात् द्विज उच्यते!! लेखः निशांत आर्य, मैथिली अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी प्रश्नः कि जेकर माता-पिता ब्राह्मण हो वैह टा ब्राह्मणी अथवा ब्राह्मण होइत अछि आ जेकर माता-पिता अन्य वर्णस्थ हो ओकर सन्तान कहियो ब्राह्मण भ’ सकैत अछि? उत्तरः हाँ! बहुतो रास भ’ चुकल अछि, होइत अछि आ आगुओ होयत। जेना छान्दोग्य एक अत्यन्त मनन योग्य लेखः चतुर्वर्णक व्याख्या – जन्म सँ नहि अपितु संस्कार सँ

रामचरितमानस मोतीः किष्किन्धाकाण्ड विषय सूची

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती किष्किन्धाकाण्ड विषय सूची १. चारिम सोपान किष्किन्धाकाण्ड मंगलाचरण २. श्री राम संग श्री हनुमानजीक भेंट, सुग्रीव संग मित्रता ३. सुग्रीव द्वारा अपन दुःख सुनेनाय, श्री राम द्वारा बालि वध केर प्रतिज्ञा, श्री राम द्वारा मित्र केर लक्षणक वर्णन ४. सुग्रीवक वैराग्य ५. बालि-सुग्रीव युद्ध, बालिक वध आ तारा रामचरितमानस मोतीः किष्किन्धाकाण्ड विषय सूची

रामचरितमानस मोतीः अरण्यकाण्ड विषय सूची

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती अरण्यकाण्ड विषय सूची १. अरण्यकाण्ड – तृतीय सोपान आरम्भ – मंगलाचरण २. जयन्तक कुटिलता आ फल प्राप्ति ३. अत्रि मिलन एवं स्तुति ४. श्री सीता अनसूया मिलन एवं अनसूयाजी द्वारा सीताजी केँ पतिव्रत धर्मक वर्णन ५. श्री रामजी आगू चललाह, विराध वध एवं शरभंग प्रसंग ६. श्री रामजी रामचरितमानस मोतीः अरण्यकाण्ड विषय सूची

रामचरितमानस मोतीः अयोध्याकाण्ड विषयसूची

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती अयोध्याकाण्ड विषय सूची १. अयोध्याकाण्ड – दोसर सोपानक आरम्भ “मंगलाचरण” २.  राम राज्याभिषेकक तैयारी आ देवता लोकनिक व्याकुलता ३. सरस्वती द्वारा मन्थराक बुद्धि फेरब आ तदोपरान्त… ४. कैकेइ केर कोपभवन मे प्रवेश ५. दशरथ सँ कैकेइ द्वारा दुइ वरदानक मांग आ तेकर बाद… ६. श्री राम कैकेइ संवाद रामचरितमानस मोतीः अयोध्याकाण्ड विषयसूची

मैथिली साहित्य मे सीताः साहित्य अकादमी दिल्लीक आयोजन पुपरी (सीतामढ़ी मे

मैथिली साहित्य मे सीता साहित्य अकादमी नई दिल्ली द्वारा ई आयोजन १७ आ १८ दिसम्बर २०२३ पुपरी (सीतामढ़ी) मे होमय जा रहल अछि। परिदृश्य कतेक तीव्रता सँ बदलि रहल छैक से अनुमान स्वतः लगा सकैत छी अपने समस्त मैथिली भाषाभाषी! साहित्य अकादमीक स्थापना भेल ६० वर्ष भ’ गेलैक। आर, जेना कि मैथिली साहित्यक वृहत् फलक मैथिली साहित्य मे सीताः साहित्य अकादमी दिल्लीक आयोजन पुपरी (सीतामढ़ी मे

रामचरितमानस मोतीः बालकाण्ड विषयसूची

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती बालकाण्ड १. प्रथम सोपान बालकाण्ड मंगलाचरण एवं गुरुक महत्व २. ब्राह्मण तथा सन्तक वन्दना ३. दुष्ट लोकक वन्दना ४. सन्त-असन्तक वन्दना ५. राममय जगत् केर वन्दना ६. तुलसीदासजीक दीनता आ रामभक्तिमयी कविताक महिमा ७. कवि वन्दना ८. वाल्मीकि, ब्रह्मा तथा शिव-पार्वतीक विशेष वन्दना ९. श्री सीताराम-धाम परिकर वन्दना रामचरितमानस मोतीः बालकाण्ड विषयसूची

रामचरिमानस मोतीः श्री रामायणजीक आरती

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्रीरामायणजीक आरती आरती श्रीरामायणजी की। कीरति कलित ललित सिय पी की॥ गावत ब्रह्मादिक मुनि नारद। बालमीक बिग्यान बिसारद॥ सुक सनकादि सेष अरु सारद। बरनि पवनसुत की‍रति नीकी॥ गावत बेद पुरान अष्टदस। छओ सास्त्र सब ग्रंथन को रस॥ मुनि जन धन संतन को सरबस। सार अंस संमत सबही की॥ रामचरिमानस मोतीः श्री रामायणजीक आरती