मैथिली बालकथा – बुधियार डाक्टर
मैथिली बालकथा – बुधियार डाक्टर – सुजीत कुमार झा, जनकपुर ‘दाई एकरा खिस्सा नहि कहिए ?’ ‘किए रे !’ ‘ई हमरा मारलक अए ।’ ‘हँ गै मुन्नी, भैयाके मारलिहए ? ’ ‘भैया हमर फित्ता तानि देलन्हि अछि ।’ ‘अएँ रे टिंकु तो बहिनके फित्ता तानि देलिहए, आ उल्टे कहैत छए मारलकौए ?’ दाई कनि तमसाईत … मैथिली बालकथा – बुधियार डाक्टर









