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प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिलीक वरेण्य साहित्यकार ‘कथाकार अशोक’ केर जन्मदिवस पर प्रवीण शुभकामना

जन्मदिन पर प्रवीण शुभकामना आदरणीय कथाकार अशोक – मैथिलीक वरेण्य साहित्यकार केँ! आदरणीय सर – मैथिलीक वरेण्य साहित्यकार, नामहि थिकन्हि ‘कथाकार अशोक’ आर यथार्थतः विज्ञ एवं सुझ-बुझ सँ भरल स्रष्टाक रूप मे विगत किछेक वर्षक अभिभावकत्व हमरो भेटल अछि। दूरदृष्टिसम्पन्न व्यक्तित्व आ विशेष रूप सँ ई जननिहार जे ऐगला पीढी केँ वर्तमान बाजारवाद युग मे मैथिलीक वरेण्य साहित्यकार ‘कथाकार अशोक’ केर जन्मदिवस पर प्रवीण शुभकामना

अन्तर्राष्ट्रीय विद्यापति महोत्सव २०१८ जोगबनीक आयोजन विभिन्न कार्यक्रम सँ

मैथिली भाषाक मिठास मे सराबोर जोगबनी-विराटनगर केर विशाल जनमानस – माला मिश्रा, जोगबनी। विश्व भरि मे बहुत कम प्राचीन भाषा अछि जेकर अपन समृद्ध इतिहास आइयो ओतबे गतिशीलता सँ चलि रहल अछि, ताहि मे एक गोट भाषाक नाम अछि ‘मैथिली’। सर्वधर्म – सर्वजाति – सर्वसमुदाय जे जनक-जानकीक मिथिलाक्षेत्र मे जन्म पेलक ओ सभ एहि मृदु-मधुर अन्तर्राष्ट्रीय विद्यापति महोत्सव २०१८ जोगबनीक आयोजन विभिन्न कार्यक्रम सँ

सुखसेना सँ बंगलुरू धरि अपन आइडिया केर झंडा बुलन्द कयनिहार युवा ‘राकेश कुमार झा’

साक्षात्कार मिथिलाक युवा मे विद्या आ बुद्धि संग विवेक, करुणा, दानशीलता, समाजसेवा आ हर तरहें अपन जीवन केँ बिल्कुल जनक समान कर्मठ बनेबाक प्रखरता – एतेक रास सद्गुण एक्के व्यक्ति मे भेटि जाय त बुझू बड पैघ बात भेल। जी! ई सब बात एक गोट युवा मे विशेष रूप सँ देखलनि मैथिली जिन्दाबाद केर संपादक सुखसेना सँ बंगलुरू धरि अपन आइडिया केर झंडा बुलन्द कयनिहार युवा ‘राकेश कुमार झा’

एहि वर्ष सेहो वाचस्पति महोत्सव १६ आ १७ मार्च केँ, आयोजन स्थल पीकेडीसी कालेज ठाढी होयत

१६ जनवरी २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! भामती-वाचस्पति स्मारक निर्माण समिति – ठाढीक अध्यक्ष रत्नेश्वर झा कहलनि अछि जे काल्हि १५ जनवरी अपराह्न २ बजे मधुबनी जिला विकास उप-आयुक्त अजय कुमार सिंह केर अध्यक्षता मे एकटा बैसार आयोजित भेल। एहि बैसार मे समितिक प्रतिनिधिक संग बिहार सरकार केर प्रशासकीय प्रतिनिधि आगामी वाचस्पति महोत्सव केर आयोजन लेल विमर्श एहि वर्ष सेहो वाचस्पति महोत्सव १६ आ १७ मार्च केँ, आयोजन स्थल पीकेडीसी कालेज ठाढी होयत

हे किसान धन्य छी अहाँ – दुनियाक भूख हरै छी

कविता – रामकुमार सिंह किसान सहि शीत, घाम आ मेघ प्रकृतिसँ कष्ट अनेक सहै छी । हे किसान छी धन्य अहाँ दुनिया केर भूख हरै छी । नित अन्हरोखे उठि बरद संग, ह’र कान्ह धएल मोन मे उमंग, नियति सँ चललहुँ करय जग, ल’ हाथ कोदारि खुरपीक सग, नहि चिन्ता विजय पराजय केर, जीवन पर्यन्त हे किसान धन्य छी अहाँ – दुनियाक भूख हरै छी

कैकेयी केर सती होयबाक प्रयास

मानस मर्मज्ञ पं. श्रीरामकिंकरजी उपाध्याय केर केर प्रवचन पर मूल आलेख संकलनकर्ता श्री अमृतलालजी गुप्ता मैथिली अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी दशरथजीक मृत्यु भेलाक बाद  कैकेयी मनहि-मन सती होयबाक निर्णय लेलीह। सती होयबाक पाछाँ कैकेयीजीक मनोभाव कि छलन्हि? वस्तुतः जखन ओ भरतजीक द्वारा सेहो तिरस्कृत भऽ गेलीह तखन हुनका एना लगलनि जे आब समाज मे एको कैकेयी केर सती होयबाक प्रयास

नीतू कुमारीक हस्तकला, चित्रकला आदिक किछु अनुपम नमूना

पवन कुमार चौधरी, दरभंगा। १५ जनवरी २०१९, मैथिली जिन्दाबाद!! दरभंगा सँ एक युवा कलाकार जिनकर कला हम शेयर कय रहल छी। जिनका सब केँ ई कलाकार केँ प्रोत्साहन करऽ के मन हुअय त हुनकर मधुबनी पेन्टिंग के अनुपम संग्रह सऽ किछु खरीददारी कय ई युवा मधुबनी पेन्टर जे एक मास्टर इन आर्ट छथि तिनका प्रोत्साहित नीतू कुमारीक हस्तकला, चित्रकला आदिक किछु अनुपम नमूना

बनगाँव (सहरसा) सहित पूर्वी मिथिला मे आरो २ गाँव बनल डिजीटल गाँव

पारस कुमार झा, बनगाँव। १५ जनवरी २०१९, मैथिली जिन्दाबाद!! भारत सरकारक डिजिटल इंडिया अभियान केर बढ़ैत डेग संग बढैत सहरसा जिलाक बनगाँव केर चयन “डिजिगाँव” लेल भेल। गाम मे हर्ष ओ आनन्दक वातावरण बनल अछि। गामवासी के लेल हर्षक गप्प ई जे बौआ-बुच्चीकेँ डिजिटली रूप मे शिक्षित हेबाक लेल गाम सँ शहर जयबाक आवश्यकता नहि बनगाँव (सहरसा) सहित पूर्वी मिथिला मे आरो २ गाँव बनल डिजीटल गाँव

विश्व केर कोण-कोण मे रहनिहार मैथिलीभाषी धरि अपन आवाज पहुँचायब, संकल्पित छीः प्रीतम

अन्तर्वार्ता – मैथिली गायिका प्रीतम पालन झा संग  आइ सोशल मीडिया हमरा लोकनि मैथिलीभाषीक लेल एकटा सुन्दर सम्बल थिक। टेलिविजन, रेडियो, समाचार पत्र वा पत्रिका, स्मारिका, विभिन्न आनलाईन समाचार वेब पोर्टल आदिक स्रोत आ साधन एतेक बलवान् नहि देखाइत अछि जे मिथिलाक गाम-गाम आ शहर-नगर सब तैर सँ प्रतिभा सब केँ खोजिकय हुनका लोकनिक परिचिति विश्व केर कोण-कोण मे रहनिहार मैथिलीभाषी धरि अपन आवाज पहुँचायब, संकल्पित छीः प्रीतम

अष्टावक्र संहिता – दोसर अध्याय – आत्मानुभूतिक आनन्द

स्वाध्याय तिला-संक्रातिक समस्त पाठक लोकनि मे हार्दिक शुभकामना। आजुक दिवस केँ विशेष संकल्प लय पूरा करबाक लेल सेहो आध्यात्मिक चेतनशील लोक वर्णन करैत छथि। बस, अपन-अपन जीवनक महत्व बुझैत सब कियो अपन धर्म प्रति सचेत बनी, यैह विशेष कामना। आउ, प्रथम अध्याय मे जनक-अष्टावक्र बीच पहिल विषय ‘आत्मानुभूतिक परिचिति’ उपरान्त आब दोसर अध्याय ‘आत्मानुभूतिक आनन्द’ अष्टावक्र संहिता – दोसर अध्याय – आत्मानुभूतिक आनन्द