कहू जे भगवान् कियैक कनता – कृष्ण केर कनबाक विलक्षण रहस्य
स्वाध्याय श्री कृष्ण केर कनबाक रहस्य (संकलन स्रोतः कल्याण, अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी, मूल संवादः कालाचाँद गीता) एक बेर श्रीकृष्ण केँ कनैत देखिकय एक गोपी कनबाक कारण पुछलखिन। हुनका उत्तर मे श्रीकृष्ण कहैत छथिन – ‘सुनू सखि! जतय प्रेम अछि, ओतय निश्चय टा आँखि मे नोरक धारा बहैत रहत। प्रेमीक हृदय पसीझिकय … कहू जे भगवान् कियैक कनता – कृष्ण केर कनबाक विलक्षण रहस्य









