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प्रवीण नारायण चौधरी

डीएमसीएच केर नवप्रवेशी छात्रक फाउन्डेशन कोर्स पूरा, मैथिली सहित अन्य फैकल्टीक सम्मान

दरभंगा, १५ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! काल्हि १४ सितम्बर शनि दिन दरभंगा मेडिकल कॉलेज केर सभागार मे प्रथम वर्ष केर एमबीबीएस छात्र लोकनिक व्हाइट कोर्ट सेरोमनी आयोजित कयल गेल। अवसर छल एक माह सँ चलि रहल प्रथम फाउंडेशन कोर्स केर समापनक । एहि कार्यक्रम केर दौरान सीनियर छात्र और फैकल्टी केर फर्स्ट बैचक छात्र सभ डीएमसीएच केर नवप्रवेशी छात्रक फाउन्डेशन कोर्स पूरा, मैथिली सहित अन्य फैकल्टीक सम्मान

देव महिला समुदाय द्वारा विराटनगर मे जीतिया महोत्सवक आयोजन सम्पन्न भेल

विराटनगर, १४ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! भव्य सफलताक संग जीतिया महोत्सवक आयोजन भेल विराटनगर मे देव महिला समाज द्वारा आयोजित जीतिया महोत्सव भव्य सफल रहल। नेपालक पूर्व नागरिक उड्डयन ओ पर्यटन मंत्री श्री जितेन्द्र नारायण देव केर प्रमुख अतिथिक रूप मे उपस्थिति तथा समाजक अध्यक्षा संगीता देव केर अध्यक्षता व संजय कुमार देवक संचालन मे देव महिला समुदाय द्वारा विराटनगर मे जीतिया महोत्सवक आयोजन सम्पन्न भेल

मनीषा झाक मिथिला चित्रकला प्रदर्शनी इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र पर केके केर दु-टप्पी अंग्रेजी मे

आलेख – डा. कैलाश कुमार मिश्र (आलेख अंग्रेजी मे अछि, लेकिन काफी रास महत्वपूर्ण जनतबक संग एक दक्ष-विज्ञ-प्रसिद्ध-सिद्ध कलाकारक परिचय संग लिखल गेल अछि, काफी रास पाठक लेल ई आलेख महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकैत अछि ताहि दृष्टिकोण सँ मैथिली जिन्दाबाद पर प्रकाशित कय रहल छी। पोस्टः साभार कैलाश कुमार मिश्र जीक फेसबुक पोस्ट) Likhiya : मनीषा झाक मिथिला चित्रकला प्रदर्शनी इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र पर केके केर दु-टप्पी अंग्रेजी मे

कतय जा रहल अछि मानव

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी आदरणीय माय!   अहाँक ई कविता मानव संसारक अधुनातन अवस्था मे पुरान संस्कृति केँ जियल लोकक वितृष्णा केँ जहिनाक तहिना राखि रहल अछि। एक बेर हमरो पाठक लेल डा. शेफालिका वर्माक ई कविता केँ पढबाक लेल कौपी कय केँ अपन विचारक संग सम्प्रेषित कय रहल छी –   नहि जानि कतय जा रहल अछि मानव

कला आ विद्याक साधक केर जाति देखि सम्मान नहि भेटैछः प्रसंग मांगैन खबासक राष्ट्रीय स्मृति-गान

१२ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! मांगैन खबास केर स्मृति गान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली मे   आइ सँ करीब ५ वर्ष पूर्व प्रभात खबर केर सहरसा ब्युरो चीफ श्री कन्हैया जी मार्फत एहि अखबारक स्थानीय प्रतिनिधिक लिखल एकटा समाचार पढने रही जे मिथिलाक लोकविभूति ‘मांगैन खबास’ केर सम्बन्ध मे चर्चा कएने छल। मैथिली भाषा आ मिथिला कला आ विद्याक साधक केर जाति देखि सम्मान नहि भेटैछः प्रसंग मांगैन खबासक राष्ट्रीय स्मृति-गान

नेनपन के किछु झलफल स्मरण – अलकतरा सँ पाटल ओ बगीचा

लेख – वाणी भारद्वाज नेनपन के किछु झलफल स्मरण जहिया हमर पिताजी लौकही ब्लौक मे चिकित्सा पदाधिकारी छलाह. हम सब सरकारी आवास मे रहैत छलहुँ. घरक सीध मे चिकित्सालय छल. घरक बाम कात थाना छल. तहिया सेंध मारि क चोर चोरी करैत छल सेह बड पैघ बात होइत छल. आ चोर के पुलिस पकडैत छल. नेनपन के किछु झलफल स्मरण – अलकतरा सँ पाटल ओ बगीचा

मैथिल ब्राह्मण समुदाय मे बियाह स विध भारी

लेख – स्नेहा प्रकाश ठाकुर मैथिल ब्राह्मण समुदाय में बियाह बाकी सब प्रान्त केर विभिन्न समुदाय स अलग होइछ । बाकी सबके बियाह त एक दिन या दू दिन में निपटि जाइत अछि मुदा हमरा (मैथिल) सबमे त कम स कम 15 दिन लगैत अछि, तकर बादो भैर साल के पाबनि तिहार केर त अन्त मैथिल ब्राह्मण समुदाय मे बियाह स विध भारी

पुरूष शेर तँ नारी की – सवाल लेखिका रूबी झाक आ जबाब देथिन पाठक लोकनि

लघुकथा – रूबी झा नारी केँ अवला कहल जाइत छन्हि, तकर हम सख्त विरोधी छी। हम अवला नहि छी, हम सवला छी। हम काली, दुर्गा, जानकी छी। फेसबुक पर एक दिन एकटा व्यक्ति प्रश्न रखने रहैथि जे पुरुष केँ शेर कहल जाइत छन्हि तँ महिला केँ कि कहल जाइत छन्हि, ताहि पर हम हुनका जबाब पुरूष शेर तँ नारी की – सवाल लेखिका रूबी झाक आ जबाब देथिन पाठक लोकनि

कठोर निर्णय आ संकल्प मात्र लोक केँ महान बनबैत छैक (नैतिक कथा)

सफल आ महान व्यक्ति सोहनक कथा (नैतिक कथा – करियर निर्माण मे लागल छात्र-छात्रा लेल उपयोगी) धियापुताक हाथ पर माँ-बाबू अथवा जेठ-श्रेष्ठ चारि-आना, आठ-आना देल करैत छल जाहि सँ पाँच पैसाक एकटा बैलून, दोसर पँच-पैसाही सँ पाँच गो लाय (मुरहीक लाय), तहिना अन्य १५ पैसाक कतेको रास धियापुताक मनोरंजन लायक चीज-वस्तु कीनिकय मेला घुमनाय भऽ कठोर निर्णय आ संकल्प मात्र लोक केँ महान बनबैत छैक (नैतिक कथा)

सोनालीक आत्मनिर्णय तथा अन्तिम मंजिल

लघुकथा – रूबी झा सोनाली तेसर बेर माँ बनैय वाली छलैथ,और दुइ टा बेटी पैहने छलखिन्ह। एहि बेर सासूरक पूरा परिवार यानि कि सासु-ससुर, पति, दियादनी-भैंसुर, ननैद, दियर सब मिलिकय कहैय छलखिन्ह दिन-राति, अहाँ चलू अस्पताल अल्ट्रासाउंड कराबऽ लेल, अगर फेरो बेटिये हैत तँ ओकरा सफैया करबा लेब, माने जे कोखिये में कन्या-भ्रूण हत्या कय सोनालीक आत्मनिर्णय तथा अन्तिम मंजिल