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प्रवीण नारायण चौधरी

मिलाफ राजविराजक एक दिवसीय वार्षिकोत्सव सम्पन्न

१८ नवम्बर २०१९, मैथिली जिन्दाबाद!! एक दिश जतय राजनीतिक स्वार्थक कारण भाषाक नाम पर लोक-समाज केँ विभाजित करबाक कार्य मे किछु शातिर लोक लागल अछि, ओत्तहि यथार्थ हितसाधना मे मिथिला साहित्य कला प्रतिष्ठान (मिलाफ) राजविराज द्वारा सालों भरि छोट सँ पैघ स्तरक जमीनी कार्यक्रम करैत रहबाक निरन्तर प्रयास जारी अछि। विदित हो जे १६ नवम्बर मिलाफ राजविराजक एक दिवसीय वार्षिकोत्सव सम्पन्न

मिथिलाक्षर अभियान आ मैथिलीक चर्चित साहित्यकार कमल मोहन चुन्नूक प्रतिवेदन

साभारः फेसबुक पर श्री कमल मोहन चुन्नूक पोस्ट मिथिलाक्षर साक्षरता अभियान – अभियाने नहि आन्दोलन सेहो सहरसा। आइ 17 नवम्बर 2019, तदनुसार रवि दिन। सहरसाक लेल एकटा महत्वपूर्ण दिन। मुदा पहिले काल्हिक विवरण। काल्हि कॉलेज सँ डेरा आयले छलहुँ कि मित्र किसलय कृष्ण जीक फोन आयल। होटल संगम विहार अयबाक आग्रह छलनि। मिथिलाक्षर साक्षरता अभियानक मिथिलाक्षर अभियान आ मैथिलीक चर्चित साहित्यकार कमल मोहन चुन्नूक प्रतिवेदन

दिल्ली मे माछ-भात – एक प्रतिष्ठित मैथिल व्यवसायिक उपक्रम

संस्मरण – प्रवीण नारायण चौधरी १७ नवम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! हालहि मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०१९ जे ८ सँ १० नवम्बर २०१९ केँ साहित्य अकादमी सभागार मे सम्पन्न भेल ताहि मे भाग लेल। कार्यक्रम ओरेलाक बाद विमलजी मिश्र भाइ संग १० नवम्बर राति माछ-भात केर भोजन करबाक निर्णय भेल। मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन सँ मयुर विहार दिल्ली मे माछ-भात – एक प्रतिष्ठित मैथिल व्यवसायिक उपक्रम

मैथिली भाषा कोना सहज बना सकैत छी – बौद्धिक-साहित्यिक विमर्श जनकपुर मे भोरक पहल

समाचार संप्रेषण – श्री राजकुमार महतो, जनकपुरधाम, नेपाल १५ नवम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिलीक बिस्तारीकरण, सहजीकरण आ शुद्धिकरण पर बैसार आ विमर्श   आयोजकः भोर मितीः २०७६।७।११ सोम दिन स्थानः एलाइट होटल, जनकपुरधाम विषय स्थापनाः डा. सुरेन्द्र लाभ विशेष मन्तव्यः श्री राम भरोस कापडि संयोजन आ सहजीकरणः राज कुमार महतो   विमर्शक संक्षेपण   डा. मैथिली भाषा कोना सहज बना सकैत छी – बौद्धिक-साहित्यिक विमर्श जनकपुर मे भोरक पहल

मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०१९ – कड़ी २: दिल्लीक पुरबिया राजनीति केर शिकार मैथिली-मिथिला

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०१९ – पुरबिया राजनीति केर शिकार (मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल – जानकी कृपाक अद्भुत दर्शन) २०१८ मे मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल दिल्ली मे भेल रहय, से मार्च मास मे। एहि वर्ष आम निर्वाचनक कारण आदर्श आचार संहिता केर समय पूर्वहि गछल बात पूरा नहि कय सकैत छल ‘मैथिली भोजपुरी मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०१९ – कड़ी २: दिल्लीक पुरबिया राजनीति केर शिकार मैथिली-मिथिला

मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०१९ – कड़ी १ः प्रवीणक किछु अनुभूति

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल – जानकी कृपाक अद्भुत दर्शन मैथिली मे कोनो वृहत् स्तरक कार्यक्रम करबाक लेल त्याग, बलिदान, योगदान, आह्वान, सम्मान आदिक अद्भुत संगम चाही। सफलता तखनहि अपूर्व भेटैछ जखन निश्छल आ निश्चल मोन सँ आयोजन कयल जाय। कतहु सँ कोनो प्रकारक वापसीक अपेक्षा रखने बिना – सिर्फ आ सिर्फ मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०१९ – कड़ी १ः प्रवीणक किछु अनुभूति

अल डोसरी पार्कमे सम्पन्न भेल- हेल्प मधेशी दोहा कतारक दोसर अधिवेशन

विन्देश्वर ठाकुर, दोहा। ९ नवम्बर २०१९, मैथिली जिन्दाबाद!! काल्हि शुक्र दिन दोहा कतारक सहानिया स्थित रहल अल डोसरी पार्कमे हेल्प मधेशी दोहा कतारक दोसर अधिवेशन सफलतापूर्वक सम्पन्न भेल अछि। एहि अधिवेशन सँ अध्यक्ष पद लेल सेवक राम कल्याण महतो जीक चयन कएल गेल अछि। कार्यक्रम चन्द्रवीर कुमार यादव द्वारा संचालन कएल गेल छल त शिव अल डोसरी पार्कमे सम्पन्न भेल- हेल्प मधेशी दोहा कतारक दोसर अधिवेशन

दिल्ली मे दोसर बेर मैथिली लिटरेचर फेस्टीवल काल्हि सँ आरम्भ भेल

दिल्ली मे दोसर बेर मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल   जानकीजीक कृपा सँ चारूकात परमानन्द बरैस रहल अछि   मुद्दई लाख बुरा चाहे तो क्या होता है, होता वही है जो मंजूरे खुदा होता है – एहि कहाबत केँ पूर्णता पबैत देखि सकैत छी   मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल केर भव्य शुरुआत भेल अछि। स्वयं जानकीजीक कमान्ड मे दिल्ली मे दोसर बेर मैथिली लिटरेचर फेस्टीवल काल्हि सँ आरम्भ भेल

ब्राह्मण आ विधाताक खिस्सा – ईशनाथ झाक टटका आ मजेदार मैथिली खिस्सा

खिस्सा – ईशनाथ झा एकटा निरक्षर दरिद्र ब्राह्मण छलाह। जन्मक बाद जे विधाता भाग्य लिखै छथि से ओहि ब्राह्मणकें दण्डित करबाक लेल एक विचित्र बात लिखि देलखिन कि ओ कहियो भरिपेट भोजन नहि कए सकत। आधा पेट भोजन सँ बेसी एकरा कहियौ नै भेटि सकत। ब्राह्मण भाग्यक अमिट लेख स्वीकारि कहुना जीवन खेपि रहल छल। ब्राह्मण आ विधाताक खिस्सा – ईशनाथ झाक टटका आ मजेदार मैथिली खिस्सा

सन् २०५० ई धरि कइएक महत्वपूर्ण वैश्विक महानगर समुद्र मे समा जायत

चिन्तन – प्रवीण नारायण चौधरी विश्वक कइएक देश रहत समुद्रक अन्दर   सन् २०५० धरि विश्व केर नक्शा मे बहुत पैघ परिवर्तन आबि जायत। समुद्रक तलहटीक स्तर जाहि गति सँ बढि रहल अछि ताहि कारणे समुद्र किनारक कतेको महत्वपूर्ण महानगर-नगर आ आबादीक्षेत्र २०५० धरि पानिक (समुद्रक) भीतर समा जेबाक खतरा अछि। एहनो नहि छैक जे सन् २०५० ई धरि कइएक महत्वपूर्ण वैश्विक महानगर समुद्र मे समा जायत