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प्रवीण नारायण चौधरी

मिथिला, मैथिली आ मैथिल केर पौराणिक परिचय

लेख – आध्यात्मिक अध्ययनक आधार पर मिथिलाक सम्पूर्ण परिचय – प्रवीण नारायण चौधरी अहो मित्र,   कि अहाँ ओहि मिथिला सँ छी जतय स्वयं जगदम्बा जानकी अवतार लेलनि?   पराम्बा जानकी मिथिला धरा सँ अवतार लेलनि, हमरो जन्म एहि धराधाम मे भेल, तैँ ‘जानकी’, ‘किशोरी’, ‘जनकलली’ हमर बहिन छथि!   मिथिलाक रीत-रेबाज आ लोकरीति-संस्कृति सब मिथिला, मैथिली आ मैथिल केर पौराणिक परिचय

१७म अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन पर प्रकाशित स्मारिका “अधिकार” – अपन प्रति जरूर मंगाउ

समीक्षा – प्रवीण नारायण चौधरी अधिकार सतरहम अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन (स्मारिका)   गत वर्ष २०१९ केर २२ आ २३ दिसम्बर यानि विक्रम संवत साल २०७६ केर पुस मास केर ६ आ ७ गते नेपालक ऐतिहासिक व औद्योगिक नगरी विराटनगर मे आयोजित भेल छल १७म अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन। एहि सम्मेलनक आयोजन ‘मैथिली एसोसिएशन नेपाल, विराटनगर’ द्वारा १७म अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन पर प्रकाशित स्मारिका “अधिकार” – अपन प्रति जरूर मंगाउ

सिंचाई विभाग नेपाल केर महान इंजीनियर आर के ठाकुर केँ श्रद्धाञ्जलि

श्रद्धाञ्जलि सन्देश: सिंचाई विभाग नेपाल केर महान इंजीनियर आर के ठाकुर केँ – कौशल किशोर झा One of the great pillar and patriarch of irrigation fraternity octogenerian Er. R.K Thakur breathed his last two three days ago. He was instrumental in planning, design and construction of Kamala irrigation system . Thakur saheb as he was सिंचाई विभाग नेपाल केर महान इंजीनियर आर के ठाकुर केँ श्रद्धाञ्जलि

बेटीक जन्मे दान करय लेल होइत छैकः पिताम्वरी देवीक सुन्दर कथा

लेख – पिताम्वरी देवी कन्यादान “दीदी मां! दीदी मां! अहाँ केँ बड खिस्सा अबैत ये, हमरा एकटा खिस्सा कहु ने।” रेणू केर सात वर्षक भतीजी आँचर पकड़िकय कहय लगलनि । ओ भतीजी केँ कोरा में बैसबैत कहलनि, “आ! तोरा एकटा खिस्सा कहै छियौ ।” ओ भतीजी केँ दुलार करैत कहलनि, “जखनि तोँ पैघ भऽ जेवहिन बेटीक जन्मे दान करय लेल होइत छैकः पिताम्वरी देवीक सुन्दर कथा

गर्व

विचार – ईशनाथ झा मिथिलामे बास कयनिहार समस्त मैथिल मध्य दू टा नैसर्गिक गुण हमरा अत्यंत रोमांचकारी लगैत अछि। पहिल तँ ककरो मृत्यु पर श्रद्धांजलि देबाक हड़बड़ी आ दोसर बात-बातमे गर्व करबाक सुदीर्घ परंपराक पालन। ई गर्व करबाक पुनीत कार्य सभकें एकताक सूत्रमे बन्हबाक अभूतपूर्व काज करैत अछि। एक आदमी कोनो काज केलक वा किछु गर्व

कन्यादान आ मिथिलाः शोधमूलक लेख-संग्रह केर चारिम कड़ी

कन्यादान आ मिथिला   आशा करैत छी राखी नीक सँ मनेलहुँ, भाइ-बहिन बीच स्नेहबन्ध केर रक्षासूत्र बन्हबाक ई परम्परा सच मे मिथिलाक प्राचीन परम्परा सँ इतर हिन्दी सिनेमा द्वारा ‘भाइ-बहिनक प्रेम आ रक्षाबन्धन’ केर महिमामंडन केर असर मानल जाइत अछि – लेकिन भावना उच्च छैक, मानवीय सम्बन्ध मे प्रेम केर महत्व केँ बढेबाक कोनो भी कन्यादान आ मिथिलाः शोधमूलक लेख-संग्रह केर चारिम कड़ी

मिथिलाक विवाह मे ओठंगर केर आध्यात्मिक आ व्यवहारिक स्वरूप

कन्यादान यज्ञ   (लेख-संग्रह निरन्तरता मे)   बन्धुगण, एहि सप्ताह ‘दहेज मुक्त मिथिला’ समूह पर हमरा लोकनि ‘कन्यादान’ समान महायज्ञ ऊपर चर्चा कय रहल छी। भरि सप्ताह वैवाहिक सम्बन्ध केर एहि महत्वपूर्ण केन्द्रीकृत विषय ‘कन्यादान’ पर चर्चाक एकमात्र उद्देश्य यैह अछि जे एकर आध्यात्मिक महत्व केँ हम सब कतेक आत्मसात करैत छी आर कतय संशोधन मिथिलाक विवाह मे ओठंगर केर आध्यात्मिक आ व्यवहारिक स्वरूप

मिथिलाक विवाह – अत्यंत रोचक आ आध्यात्मिक विध-व्यवहारक वर्णन

मिथिलाक लोकपरम्परा आ विवाहः एक शोध दहेज मुक्त मिथिला फेसबुक समूह पर पैछला सप्ताह वैवाहिक परिचय केर संकलन भेल छल। विवाह लेल उपयुक्त सम्बन्धक विकल्प आजुक समय मे मिथिलावासी लेल चुनौतीपूर्ण भऽ गेल अछि। एहि चुनौतीक कारण कतेको रास महत्वपूर्ण आ आवश्यक परम्पराक क्षरण सेहो भऽ रहल अछि। तेँ समय-समय पर एतय सहभागी हजारों सदस्य मिथिलाक विवाह – अत्यंत रोचक आ आध्यात्मिक विध-व्यवहारक वर्णन

रक्षा बन्धन केर सूत्र आ एकर प्रति निज दायित्व-जिम्मेदारीक बोध आवश्यक

राखी पर प्रवीण शुभकामना   ई रक्षा सूत्र अपने सभक वास्ते!   येन बद्धो बलि राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वाम् अपि बद्ध्नामि रक्षे मा चल मा चल:!!   जहिना दानवक इन्द्र महाबली राजा बलि केँ ई रक्षा सूत्र बान्हि धर्म-कर्म मे उन्मुख कयल गेल छलन्हि जाहि सँ ओ प्रजाक रक्षार्थ अपन जीवन समर्पित कयलनि, सदिखन रक्षा बन्धन केर सूत्र आ एकर प्रति निज दायित्व-जिम्मेदारीक बोध आवश्यक

प्रा. डा. केष्कर ठाकुर केर अनुदित पोथी आरण्यक केर परिचय

साहित्यक नव कृतिक परिचय – डा. पंकज कुमार एवं डा. निक्की प्रियदर्शिनी पोथीक नाम- आरण्यक मूल लेखक – श्री विभूतिभूषण वंद्योपाध्याय अनुवादक – प्रो. (डॉ.) केष्कर ठाकुर प्रकाशन वर्ष – २०२०   मैथिली साहित्यमे उपन्यासक परम्परापर विचार करब त’ स्पष्ट होएत जे मैथिलीक उपन्यास साहित्यपर बंगलाक प्रभाव पड़ल अछि। मैथिलीमे अनूदित उपन्यासक परम्परा समृद्धशाली रहल प्रा. डा. केष्कर ठाकुर केर अनुदित पोथी आरण्यक केर परिचय