रामचरितमानस मोतीः श्री हनुमान्जीक लंका सँ वापसी आ तदोपरान्त (परमानन्दक दर्शन)
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती समुद्रक एहि पार आयब, सभक लौटब, मधुवन प्रवेश, सुग्रीव मिलन, श्री राम-हनुमान् संवाद १. सीताजी सँ चूड़ामणि निशानी लैत हनुमान्जी वापस समुद्रक ओहि पार जतय संगी सब केँ छोड़ि आयल रहथि ताहि ठाम लेल चलि पड़लाह। चलैत समय ओ महाध्वनि सँ गर्जना कयलनि जे सुनि राक्षस सभक स्त्री … रामचरितमानस मोतीः श्री हनुमान्जीक लंका सँ वापसी आ तदोपरान्त (परमानन्दक दर्शन)





