समकालीन मैथिली लेखक कोश पोथी पर मित्रेश्वर अग्निमित्रक उद्गार

पोथी परिचय

– डा. मित्रेश्वर अग्निमित्र

प्रसंग: मैथिली साहित्य संसारक एक टटका वैभव
बड्ड जरूरी, बहुत उपयोगी, खूब प्रशंसनीय एक पुस्तक प्रकाशित भेल अछि – ‘समकालीन मैथिली लेखक कोश’ ! हमर सौभाग्य जे ओ बहु-प्रतीक्षित पुस्तक हमर हाथ में अछि, हम पढ़ि रहल छी.
मैथिली साहित्य जगतक विशालताक झलक एहि ऐतिहासिक पुस्तक में सहजहि भेटैछ. एहि में प्रमाणित होइछ जे भाषा कोनो जाति वा प्रजाति, धर्म अथवा, क्षेत्रक सीमा में सीमित-आबद्ध नहि रहैछ. एहि कोश में सात देश मे रचनाशील मैथिली हस्ताक्षर क उल्लेख छैक. सुदूर विदेश मे रहैत, अपन माटि-पानि संs लगावक प्रमाण पाबि मोन मुग्ध भेल.
ई पुस्तक एक विशाल पिटार थिक जाहि मे सूचना छैक सवा सौ संs बेसी महिला साहित्य साधिकाक, प्रायः एक सौ दलित, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्गक लेखकगण आओर एक संथाल जनजातिक लेखिकाक. सभ मिलाकs प्रायः साढ़े आठ सौ लेखकक विवरण चारि सौ चालीस पृष्ठ में संकलित आ’ प्रस्तुत – सत्यतः ई एक बड्ड पैघ काज भेल अछि! एहन काज जाहि संs डा0 रवीन्द्र कुमार चौधरी साहित्य जगत में एक स्थाई स्थान पाबि गेलाह!
आ’र ई अमरता डा0 चौधरी के उपलब्ध भेलैन्ह अपन परिश्रम, अहर्निश अपन सक्रियता, गंतव्यक सतत स्मरण, उद्देश्यक प्रति एकनिष्ठ समर्पण संs. हिनकर सद्यः प्रकाशित कृति हिनकर विलक्षण प्रतिभाक प्रतिफल !
जखन दुनिया कोरोना महामारी संs त्रस्त आओर किंकर्तव्यविमूढ़ छल तखन डा0 चौधरी बैसि गेलाह अपन ऐतिहासिक रचनाक संकलन, सम्पादन आ’ एतदर्थ अपन विराट् सम्पर्क के संसाधन बना कय अपन साध्यक संधान मे. देश-विदेश मे विद्यमान मैथिली सेवाव्रतीक नाम-गाम-परिचयक, प्रामाणिकता संs प्रस्तुत करब कतेक दु:साध्य ई सोचि कय चौधरी जीक व्यक्तित्व क प्रति स्वतः आदर भाव जाग्रत होयछ.
एहि कोशक प्रयोजन छैक मैथिली साहित्य जगत संs अंतरंग परिचयक लेल, ओकर चंहुदिस चतरल शाखा-प्रशाखाक जानकारीक लेल, कतेक प्रकारक अनुसंधानक लेल. जनिका मैथिली क समकालीन विशालताक जिज्ञासा होइन्ह हुनका लेल ई पोथी सहज-प्राप्त उपादेय स्रोत!
निस्संदेह अनेक रचनाकारक उल्लेख एहि संग्रह मे नहि कयल जा सकल मुदा, चौधरी जी घोषणा कयने छैथि जे अगिला संस्करण मे छूटल सभ रचनाकार के सम्मिलित करताह.
डा0 चौधरी संs पहिने एक शिक्षक, एक प्राचार्य, एक संगठनकर्ता, गवेषक, अनेक पुस्तक क स्रष्टा, प्रसन्नमुख व्यक्ति के रूप मे हम परिचित रही. आब, निरंतर हुनकर नव-नव रूप आओर बढैत ऊंचाई देखि मुग्ध छी.
आबयवला समय मे भगवती सरस्वती एहि बहुमुखी प्रतिभा-सम्पन्न अपन वरद पुत्र क माध्यमे कतेक रास ऐतिहासिक कार्य करौतीह – ई हमर दृढ़ विश्वास !
‘समकालीन मैथिली लेखक कोश’ एक अभावक पूर्ति थिक – साहित्य संसार मे एकर उपस्थिति संs हम विशेष तृप्ति क अनुभव कय रहल छी.
ड0 चौधरी के हार्दिक बधाई, मंगल कामना, आशीर्वाद एवम् एहि पुस्तक क स्वागत!
मिथिला-मैथिलीक प्रत्येक अनुरागीक लेल ई पुस्तक संग्रहणीय!