तेज काकी (हास्य कथा)
कथा – दीपिका झा एकटा काकी छली। ओ स्वभाव स कनी तेज छलखिन। एक दिन हुनकर घरक बगल में एकटा दुल्हा बाली काकी रहै छलखिन। ओ अंगना एलखिन आ कहलखिन – “बहिन यै! यै बड़ सुन्दर रमलिला होइ छै, फल्ला चिल्ला जाइ छै। ईहो चलती?” “गे माय, हम कोना जैब? हम सैं-बेटा तर में छी। … तेज काकी (हास्य कथा)









