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प्रवीण नारायण चौधरी

महामाया जगदम्बाक प्रथम चरित्र – केना मनन करब अपना सब

आध्यात्मिक चिन्तन – प्रवीण नारायण चौधरी माँ दुर्गाक प्रथम चरित्र   एक राजा अपन राज्य सँ बेदखल कयल गेल अछि। एकटा वैश्य अपन व्यापार, परिवार, पत्नी, पुत्र, अरजल सम्पत्ति, स्वजन, परिजन सभक द्वारा त्यागल गेल अछि। दुनू परेशान भऽ भागिकय जंगल पहुँचि गेल। ओतय एक मेधा नामक ऋषिक आश्रम पहुँचि हुनकहि आश्रय मे रहि रहल महामाया जगदम्बाक प्रथम चरित्र – केना मनन करब अपना सब

उग्रतारा महोत्सवक भव्य शुभारंभ – मिथिलाक्षेत्रक विशिष्टता सँ विश्व केँ परिचय मुख्य उद्देश्य

अजय कुमार, ३० सितम्बर २०१९, सहरसा. मैथिली जिन्दाबाद!! महिषी मे तीन दिवसीय उग्रतारा महोत्सव केर डीआइजी, डीएम द्वारा कयल गेल उद्घाटन सहरसा जिलाक महिषी स्थित राजकमल क्रीड़ा मैदान मे आयोजित तीन दिवसीय उग्रतारा सांस्कृतिक महोत्सवक शुभारंभ सोम दिन कयल गेल अछि। मुख्य अतिथिक रूप मे डीआईजी सुरेश प्रसाद चौधरी, जिलाधिकारी शैलजा शर्मा, आरक्षी अधीक्षक राकेश उग्रतारा महोत्सवक भव्य शुभारंभ – मिथिलाक्षेत्रक विशिष्टता सँ विश्व केँ परिचय मुख्य उद्देश्य

हे दैब – किरण प्रभाक मैथिली लघुकथा

लघुकथा – किरण प्रभा ।।हे दैब।। साँझक समय छल । फरीदा मौसी क हाथ म तरकारी बला छिट्टा । मोन उदास, बड़ उदास छलैन । ओना त हमरा जते याद अहि हुनका उदासे देखलों, मुदा आइ आँखि क कोण म पैनक किछ बूंदो देखलों त पाछु ध लेलौं । आंगन एली आ धम्म स बैस हे दैब – किरण प्रभाक मैथिली लघुकथा

बाढि आ काव्य – कमला नदीक ओ जबानीकाल

साहित्य – सत्य नारायण झा हमरा गामक पूब कमलाक धार छैक । आब त एहि धारक कोनो अस्तित्व नहि छैक मुदा हम जखन नेना रही तखन एहि धारक बाढ़ि सँ लोक त्रस्त रहैत छल । ओ भीषण क्षण एखनो केखनो कय मोन परि जाइत अछि त देह सिहरि जाइत अछि । चारि मास लोक एहि बाढि आ काव्य – कमला नदीक ओ जबानीकाल

कुवैत सँ सूर्योधनक किछु भक्ति रचना – दुर्गा पूजा पर विशेष सुमिरन

भजन – सूर्योधन कुमार घर घरमे घटस्थापनाक खुशी मनावल अछि। मंदिरके चारोवर खूब धूमधाम स सजावल अछि॥ नवरात्रिके नउ दिन मैया नव नव रूप धरत । नित दिन देखैलेल भक्तजन के भिड़ बढ़हत ॥ आगन प्रांगण सबतर पंडाल विछावल अछि । मंदिरके चारोवर ………. रंग बिरंगी फूल आ भोग लेल राखल अछि थार। नउ दिन कुवैत सँ सूर्योधनक किछु भक्ति रचना – दुर्गा पूजा पर विशेष सुमिरन

खिस्सा गंगेश बाबूक बेटी प्रति भेद करयवला… आ परिणाम कि भेटलनि… रूबी झाक टटका लघुकथा

लघुकथा  – रूबी झा जेकरे लेल अरजलथि वैह बुढ़ापा मे कय देलकनि परित्याग – कथा गंगेश बाबूक विभेदपूर्ण व्यवहारक बेटा के पेट, आ बेटी के पीठ बहुत लोक बुझैत छथि, ताहि बहुत लोक में सँ एक गोटे के कहानी आइ अपन पाठक वर्गक सोझाँ राखि रहल छी। एकटा छलथि गंगेश बाबू, नाम गंगेश आ क्रिया खिस्सा गंगेश बाबूक बेटी प्रति भेद करयवला… आ परिणाम कि भेटलनि… रूबी झाक टटका लघुकथा

दुर्गा पूजाक हमर ओ दू बाल्यकालक दुर्लभ प्रकरण (संस्मरण)

संस्मरण – स्नेहा प्रकाश ठाकुर दुर्गा पूजा के खिस्सा ओही दिन वाणी दीदी केर संस्मरण पढ़िकय हमरा सेहो अपन बहुत रास खिस्सा मोन पड़य लागल। एहि मे सँ किछु मैथिली जिन्दाबाद पर साझा कय रहल छी। हमरा ओतय दुर्गा पूजा बहुत पैघ उत्सव होइत अछि। दुनू सांझ पूजा, आरती, पंचमी, अष्टमी और नवमी दिन बलिप्रदान, दुर्गा पूजाक हमर ओ दू बाल्यकालक दुर्लभ प्रकरण (संस्मरण)

जानकी मिथिला सेवा समाज कुवेत द्वारा उमेश राउत के १०५ कुवेती दिनार के सहयोग

सूर्योधन कुमार, २९ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! जानकी मिथिला सेवा समाज कुवेत संस्था द्वारा मोहतरीके महोतरी गाऊँपालिका -३ डाम्ही कटी टोल घर रहनिहार उमेश राउत के (३९१६५) ३९ हजार १ सय ६५ नेपाली रूपैया आर्थिक सहयोग कैल गेल अछि । महोतरी जिल्लाके महोतरी गाऊँपालिका डाम्ही कटी टोल गाऊँमे रहनिहार एक विपन्न परिवारमे जन्मभेल छल मुदा जानकी मिथिला सेवा समाज कुवेत द्वारा उमेश राउत के १०५ कुवेती दिनार के सहयोग

मुख्यमंत्री मो. लालबाबूक बयान बेतुका अछिः नेपाल भारत खुला सीमा संवाद समूह संयोजक राजीव झा

२९ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! नेपाल आर भारत बीच रहल खुल्ला सीमाक कारण अपराध पर नियंत्रण करय मे समस्या एबाक नेपालक प्रदेश २ केर मुख्यमंत्री मो. लालबाबू राउत केर बयान धीरे-धीरे तुल पकड़ने जा रहल अछि। शुक्र दिन सँ प्रदेश २ केर राजधानी जनकपुर मे आयोजित सुरक्षा गोष्ठी मे प्रदेश २ केर मुख्यमंत्री द्वारा भारत मुख्यमंत्री मो. लालबाबूक बयान बेतुका अछिः नेपाल भारत खुला सीमा संवाद समूह संयोजक राजीव झा

नवरात्र पर नव उपहार

  दुर्गा पूजा (नवरात्र) उपहार   आइ सँ शुरू भेलनि भगवतीक विशेष पूजा-अर्चना। हमर गाम, अहाँक गाम आ सभक गाम मे महादुर्गा भगवतीक स्मरण-पूजन मे लोक सब लागि गेल अछि।   बुझले होयत जे असुर (राक्षस) सभक अत्याचार पराकाष्ठा नांघि गेलाक कारण जनता त्राहि-त्राहि कय रहल छल। ऋषि-मुनि, ज्ञानी, विद्वान्, संत, समाजसेवी, बड़-बुजुर्ग सब चिन्तित नवरात्र पर नव उपहार