महामाया जगदम्बाक प्रथम चरित्र – केना मनन करब अपना सब
आध्यात्मिक चिन्तन – प्रवीण नारायण चौधरी माँ दुर्गाक प्रथम चरित्र एक राजा अपन राज्य सँ बेदखल कयल गेल अछि। एकटा वैश्य अपन व्यापार, परिवार, पत्नी, पुत्र, अरजल सम्पत्ति, स्वजन, परिजन सभक द्वारा त्यागल गेल अछि। दुनू परेशान भऽ भागिकय जंगल पहुँचि गेल। ओतय एक मेधा नामक ऋषिक आश्रम पहुँचि हुनकहि आश्रय मे रहि रहल … महामाया जगदम्बाक प्रथम चरित्र – केना मनन करब अपना सब









