अपना सँ पैघ सर्जक केर अनुकरण करैत छी, नव लेखिका केँ प्रोत्साहनक जरूरतः ममता झा
विचार – ममता झा कोनो आदमी जन्म सँ न मूर्ख होइयऽ आ ने विद्वान्। बच्चा केर देख-रेख मे सब पैघ केर हाथ होइत छैक। ओहि मे परिवार, समाज दुनू केर बहुत पैघ योगदान होइत छैक। सब बच्चा रंग, रूप, व्यवहार, पद, प्रतिष्ठा मे अलग-अलग होइयऽ। सब चाहैत छैक जे संतान खूब पैघ लोक बनय, लेकिन … अपना सँ पैघ सर्जक केर अनुकरण करैत छी, नव लेखिका केँ प्रोत्साहनक जरूरतः ममता झा









