सोनालीक आत्मनिर्णय तथा अन्तिम मंजिल
लघुकथा – रूबी झा सोनाली तेसर बेर माँ बनैय वाली छलैथ,और दुइ टा बेटी पैहने छलखिन्ह। एहि बेर सासूरक पूरा परिवार यानि कि सासु-ससुर, पति, दियादनी-भैंसुर, ननैद, दियर सब मिलिकय कहैय छलखिन्ह दिन-राति, अहाँ चलू अस्पताल अल्ट्रासाउंड कराबऽ लेल, अगर फेरो बेटिये हैत तँ ओकरा सफैया करबा लेब, माने जे कोखिये में कन्या-भ्रूण हत्या कय … सोनालीक आत्मनिर्णय तथा अन्तिम मंजिल









