सोहन बाबूक दुइ पीढीक यथार्थ – तेसर पीढी मे कि होयत से कल्पनातीत अछि
दहेज प्रथा के साइड ईफेक्ट्स – प्रवीण नारायण चौधरी (ई एक काल्पनिक कथा थिक। प्रतिनिधित्व सच्चाई केर करैत अछि। यदि किनको सँ मेल खाय त केवल संयोग बुझब।) मोहन बाबू चारि भैयारी छलाह। चारू भाइ एक सँ बढिकय एक पढल लिखल। चारू गोटे नौकरी मे, चारूक धियापुता बहुत संस्कारी आ पढाई-लिखाई मे बढनमा। ई लोकनि … सोहन बाबूक दुइ पीढीक यथार्थ – तेसर पीढी मे कि होयत से कल्पनातीत अछि








