रामचरितमानस मोतीः भजन महिमा
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती भजन महिमा १. श्री रघुनाथजीक भक्ति संजीवनी जड़ी छी। श्रद्धा सँ पूर्ण बुद्धि मात्र अनुपान (दवाइ संग लेल जायवला मधु आदि) छी। एहि तरहक संयोग हो तँ ओ रोग (मानस रोग, जेकर वर्णन पूर्व अध्याय मे कयल गेल अछि) भले नष्ट भ’ जाय, नहि तँ करोड़ों प्रयत्नक बादो … रामचरितमानस मोतीः भजन महिमा




