हम महाचोर छी (आत्मालोचना)
विचार – प्रवीण नारायण चौधरी अभियानी दू तरहक होएत छैक हजुर! एकटा त बिना कोनो फलक प्रत्याशा अपन काज करब जनैत छैक, ओकरा एतबे टा लोभ अवस्स रहैत छैक जे जीवनक सार्थकता सिद्ध हो। दोसर, जीवनक सार्थकताक सिद्ध करबाक अन्तिम लक्ष्य सँ पहिने जीवनकाल मे कोनो उपलब्धि प्रति ‘कामना’ राखि सेवा मे लगैत अछि। … हम महाचोर छी (आत्मालोचना)








