मिथिलाक नगण्य कुचक्री-कुटिलक कथा – प्रत्येक सफल आयोजन उपरान्त लेंगड़ी पिलुआक बहरायब
घरबैया क’ जान जाय, खबैया क’ स्वादे नहि मैथिली भाषा प्राचीनतम् भाषा मे सँ एक अछि। आधुनिक समय एकरा भाषा रूप मे मान्यता दिएबाक लेल बड़ा भारी बौद्धिक संघर्ष करैत भाषाक प्रत्येक मानदंड पर मैथिली केँ ठाढ़ करैत लम्बा संघर्ष उपरान्त बोली सँ भाषा रूप मे स्थापित कयल गेल। जे सब एहि संघर्ष मे भाग … मिथिलाक नगण्य कुचक्री-कुटिलक कथा – प्रत्येक सफल आयोजन उपरान्त लेंगड़ी पिलुआक बहरायब





