लेखक ओ जे पाठकक हित बुझिकय लेखन कार्य करय
लेखक वैह जिनकर पाठक अछि मैथिली हमर मातृभाषा थिक । एहि मे लिखैत छी त अपन मिथिलाक लोक – अपन घर-परिवारक लोक – हिनका सभक हितचिन्तक बनिकय लिखब अन्तरात्मा मे सेवा करबाक भाव प्रदान करैत अछि । एहि सँ लोक त लोक, परलोक आ खासकय जगजननी जानकी जी सेहो प्रसन्न होइत छथि ई अन्तर्भाव मे … लेखक ओ जे पाठकक हित बुझिकय लेखन कार्य करय







