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प्रवीण नारायण चौधरी

राष्ट्रीय जनगणना २०७८ मे मैथिली भाषी बढि-चढिकय लिखेता अपन मातृभाषाक नाम

विराटनगर, ७ जनवरी, २०२१ । मैथिली जिन्दाबाद!! विराटनगरक सर्वथा प्राचीन आ सक्रिय मैथिली भाषा-संस्कृति व मिथिला समाजक संस्था मैथिली सेवा समिति द्वारा नेपालक जनगणना २०७८ प्रति आवश्यक संज्ञान लैत जनगणना मे अपन भाषा लिखेबाक लेल आ संगहि साहित्य एवं कला-संस्कृति संरक्षण-संवर्धन लेल जनजागरण संग विचार-विमर्श कार्यक्रम शुरू कय देल गेल अछि। एहि क्रम मे काल्हि राष्ट्रीय जनगणना २०७८ मे मैथिली भाषी बढि-चढिकय लिखेता अपन मातृभाषाक नाम

राष्ट्रीय जनगणना २०७८ नेपाल आ मैथिली सेवा समिति विराटनगर केर वृहत्-विचार-विमर्श कार्यक्रम

राष्ट्रीय जनगणना २०७८ नेपाल आ मैथिली सेवा समिति विराटनगर केर वृहत्-विचार-विमर्श कार्यक्रम मे प्रवीण विचार ६ जनवरी २०२१, जानकी सेवा सदन, विराटनगर मे ३ बजे सँ ६ बजे सम्पन्न कार्यक्रम मे राखल गेल विचारक प्रति निम्न अछिः मैथिली सेवा समिति द्वारा आयोजित आजुक वृहत् विचार विमर्श कार्यक्रम जेकर उद्देश्य मैथिली भाषा, साहित्य, संस्कृति तथा कला राष्ट्रीय जनगणना २०७८ नेपाल आ मैथिली सेवा समिति विराटनगर केर वृहत्-विचार-विमर्श कार्यक्रम

कवियित्री सुमन झा केर रचना ‘बेटी’

बेटी – सुमन झा, कोलकाता बेटी छथि जग के निर्माता, बेटिये त छथि धरती माता। कियै लगै छथि बेटी भारी, हुनके स त आँगन वारी। बाबु के ओ दुलरी गुडिया, दुख्खो में ओ सुखक पुडिया। बेटी छथि जग के निर्माता बेटिये त छथि धरती माता बेटी होइथ गोर या कारी लेकिन बनैथ कुलवंती नारी। सीता कवियित्री सुमन झा केर रचना ‘बेटी’

मिथिला केँ दहेज सँ मुक्ति दियेबाक लेल हम-अहाँ कि करबैक?

दहेज मुक्त मिथिला – जरूरी सवाल-जवाब १. फेसबुक सँ दहेज मुक्त हेतैक मिथिला? उ. फेसबुक पर हम-अहाँ हजारों के संख्या मे जुड़ल छियैक आर दहेज प्रथा सँ मुक्त स्वच्छन्द समाजक निर्माण लेल बेर-बेर सोचैत छियैक। कोनो परिवर्तन लेल पहिने सोच-विचार प्रक्रिया आरम्भ होयब जरूरी होइत छैक। एहि तरहें ‘दहेज मुक्त मिथिला’ नामहि सँ हमरा-अहाँ मे मिथिला केँ दहेज सँ मुक्ति दियेबाक लेल हम-अहाँ कि करबैक?

नेपालक जनगणना आ ८० प्रश्न – भाषा सम्बन्धी ३ प्रश्न

नेपाल मे जनगणना प्रश्नावली (२०७८) केर प्रकाशन – पूछल जायत ८० प्रश्न केन्द्रीय तथ्यांक विभाग द्वारा किछु समय पूर्वहि १२म जनगणना आ संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्रक नेपालक पहिल जनगणना मे केन्द्र, प्रदेश आ स्थानीय तह केर प्रत्येक वार्डक हरेक व्यक्ति ओ परिवार सँ संकलन कयल जायवला विवरण लेल कुल ८० प्रश्नक प्रश्नावली ‘राजपत्र’ मे प्रकाशित कय नेपालक जनगणना आ ८० प्रश्न – भाषा सम्बन्धी ३ प्रश्न

मैथिली केर इतिहास में नव आयाम जुड़ल: नेपाल संचारमंत्री गुरुङ

29 दिसम्बर 2020 । मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली केर इतिहास में नव आयाम जुड़ल: नेपाल संचारमंत्री गुरुङ नेपालदेशक प्राचीन आ समृद्ध भाषा मैथिली लेल एक आर महत्वपूर्ण कार्य पूरा भेल अछि। “नेपालीय मैथिली छापा पत्रकारिताको इतिहास” (लेखक- धर्मेन्द्र झा) आ पत्रकार आचारसंहिता क मैथिली अनुवाद (धर्मेन्द्र झा) क आइ सार्वजनिकीकरण कएल गेल । प्रेस काउन्सिल नेपाल मैथिली केर इतिहास में नव आयाम जुड़ल: नेपाल संचारमंत्री गुरुङ

दहेज प्रथा और मैं – एक जरूरी हिन्दी लेख

लेख – प्रवीण नारायण चौधरी दहेज प्रथा और मैं   एक लेख हिन्दी में – उनलोगों के लिये जो अक्सर हिन्दी ही लिखते रहते हैं, हिन्दी लिखने-पढने में सहजता की बातें करते हैं…! लेख की ओर बढें…. आप भी अपना विचार जरूर लिखेंगे, अनुरोध है।   अक्सर देखने में आया है कि ‘दहेज प्रथा’ के दहेज प्रथा और मैं – एक जरूरी हिन्दी लेख

गीत-संगीत सिखबाक सुअवसर – रेडियो नेपाल केर उपक्रम विराटनगर मे

विराटनगर, २६ दिसम्बर २०२० । मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिलीक लेजेन्ड सिंगर – सुपरिचित नाम ‘रामा मंडल’ जे हाल रेडियो नेपाल मे पदस्थापित रहि गीत-संगीत आ राष्ट्रसेवा कय रहला अछि, ओ मैथिली जिन्दाबाद केँ शुभ समाचार दैत कहलथि, “आब रेडियो नेपाल विराटनगर मे सेहो आबि गेल अछि। गीत-संगीत सिखबाक लेल एकटा नीक पहल आरम्भ भेल अछि। आशा गीत-संगीत सिखबाक सुअवसर – रेडियो नेपाल केर उपक्रम विराटनगर मे

बाबाक स्मृति मे पोतीक लेखः महान पुरुषक इतिहास लेखनक आवश्यकता दिश इशारा

पारसमणि नगर रहुआ संग्रामक लौह-पुरुषः अभिराम झा – नीलम झा आइ हम अपन प्रेरणापुरुष पर किछु लिखय चाहि रहल छी। हमर ‘बाबा’ यानि पितामह जिनका लोक लौहपुरुष सँ तुलना करथि, हमर गाम पारसमणिधाम यानि रहुआ संग्राम केर एहेन महान चर्चित आ नित्य-स्मृत व्यक्तित्व अभिराम झा केर सम्बन्ध मे संछिप्त लेखन कय रहल छी।   हुनकर बाबाक स्मृति मे पोतीक लेखः महान पुरुषक इतिहास लेखनक आवश्यकता दिश इशारा

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन – विश्व भरिक मैथिलीभाषी केँ एकजुट करबाक अचूक आयोजन हो

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी नीक बातक अनुकरण करैत बढब जरूरी छैक सन्दर्भः मैथिली-मिथिला लेल आयोजित विभिन्न कार्यक्रम आ ओकर पैटर्न विगत एक दशक सँ जे किछु अनुभव भेल, जगह-जगह पर आयोजित मैथिली भाषा व मिथिला संस्कृति प्रति केन्द्रित कार्यक्रम मे सहभागिता आ भ्रमण संग भिन्न-भिन्न व्यक्तित्व सभक संग भेंटघाँट सँ – ताहि आधार पर अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन – विश्व भरिक मैथिलीभाषी केँ एकजुट करबाक अचूक आयोजन हो