मैथिली सुन्दरकाण्ड – समुद्र पर श्री रामजीक क्रोध आर समुद्रक विनती – श्री राम गुणगानक महिमा
मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री तुलसीदासजी रचित श्रीरामचरितमानस केर सुन्दरकाण्डक मैथिली अनुवाद समुद्र पर श्री रामजी केर क्रोध और समुद्र केर विनती, श्री राम गुणगान केर महिमा दोहा : विनय नै मानय जलधि जड़ गेल तीनि दिन बीति। बजला राम सकोप तखन भय बिनु होय न प्रीति॥५७॥ भावार्थ:- एम्हर तीन दिन बीत गेल, मुदा जड़ समुद्र विनय … मैथिली सुन्दरकाण्ड – समुद्र पर श्री रामजीक क्रोध आर समुद्रक विनती – श्री राम गुणगानक महिमा








