प्रत्येक मैथिल लेल मनन योग्य किछु जरूरी बात
तीत सत्य हम मैथिल छी, हमर मूल धर्म अछि ‘आत्मविद्या के आश्रयदाता मैथिल राजा जनकक विदेह धर्म’ अपनबैत बन्धनमुक्त कर्म करैत मुक्तजीव बनबाक सम्पूर्ण चेष्टा करब। ई ‘बन्धनमुक्त कर्म’ के अर्थ बहुत व्यापक आ व्यवहार करय मे बड कठिनाह जरूर छैक, मुदा असम्भव नहि छैक। एहि मे कहल गेल छैक ममता, मोह, मास्चर्य, मत्सर, … प्रत्येक मैथिल लेल मनन योग्य किछु जरूरी बात



