मैथिली कथा – ॐ अपवित्रःपवित्रोवा
कथा – ऊँ अपित्र:पवित्रोवा – विजय कुमार इस्सर ~ए सूनू ने ! विवेक वौआक उपनयन त’ आइ भैये गेलैनि । परसूक रिटर्निंग टीकट अछि । फर फरीक सब जुटले छथि । बहुत दिनक बाद गाम एलौं हेँ तहन किएक ने काल्हि भगवानक पूजा करा ली । आब हाले मे कोनों जग परोजन त’ नैँ देखाइए … मैथिली कथा – ॐ अपवित्रःपवित्रोवा









