अहुँ केँ एना समस्या होइत अछि की?
आत्ममंथन – आत्मसमीक्षा सब दिन पढ़लियैक हिन्दी। अखबार, पत्रिका, उपन्यास, कथा, कविता आदि विभिन्न बात विद्यालय सँ आम जनजीवन धरि हिन्दी के भरमार रहलैक। मैथिली सेहो पढ़लियैक लेकिन मात्र परीक्षा मे नीक मार्क्स सँ पास हेबाक लेल आ अत्यधिक सहज विषय बोध करैत बहुत कम समय खर्च करबाक कय टा बात पहिनहि सँ मोन मे … अहुँ केँ एना समस्या होइत अछि की?








