रामचरितमानस मोतीः जयन्तक कुटिलता आ फल प्राप्ति
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती जयन्तक कुटिलता आ फल प्राप्ति १. एक बेर सुन्दर-सुन्दर फूल सब तोड़िकय श्री रामजी अपना हाथ सँ तरह-तरह के गहना बनौलनि आर सुन्दर स्फटिक शिला पर बैसि प्रभु बड़ा आदरक संग ओ गहना सब श्री सीताजी केँ पहिरौलनि आ सजौलनि। २. ताहि घड़ी देवराज इन्द्रक मूर्ख पुत्र जयन्त … रामचरितमानस मोतीः जयन्तक कुटिलता आ फल प्राप्ति







