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प्रवीण नारायण चौधरी

भारतीय विज्ञान संस्थान द्वारा मैथिली सहित ९ भाषा मे एनएलपी प्रोजेक्ट पर कार्य भऽ रहल अछि

५ जून २०२१ – मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली भाषा मे कृषि एवं वित्त क्षेत्र केर लेख-शोध केर संग्रह आ एनएलपी प्रोजेक्ट ऊपर भारतीय विज्ञान संस्थान द्वारा तकनीक विकास करबाक कार्य निरन्तरता मे अछि। ई जनतब बीटेक तृतीय वर्षक छात्र श्री हेत पटेल मैथिली जिन्दाबाद केँ करौलनि। एहि क्षेत्र केर विभिन्न शब्दावलीक प्रयोग करैत लिखल गेल आलेख भारतीय विज्ञान संस्थान द्वारा मैथिली सहित ९ भाषा मे एनएलपी प्रोजेक्ट पर कार्य भऽ रहल अछि

मैथिली कथाः एला राम गेला राम

लेख – प्रवीण नारायण चौधरी एला राम गेला राम   आइ बात करब एक परिवार के अलग-अलग प्रकृति केर अलग-अलग सदस्य लोकनिक। उदाहरण सब केँ अपने-अपने परिवार केर लेला सँ काज चलि जायत। कारण मनुष्यक रीति-थीति केँ बुझय लेल नायक स्वयं मे देखले सँ यथार्थता सँ सहज साक्षात्कार होइत छैक। हम कतबो कहि देब जे मैथिली कथाः एला राम गेला राम

बुचीरानी (मैथिली कथा)

कथा – प्रवीण नारायण चौधरी बुचीरानी   (ई एक काल्पनिक कथा थिक, एकर सरोकार कोनो व्यक्ति विशेष सँ नहि अछि। लेकिन ई बहुतो लोकक विचार सँ मेल खायत आ हुनका बेजा लागि सकैत अछि। तेँ बेजा मानि ली से हमर मनसा एकदम नहि। लेकिन समाजक नजरि पर सँ पट्टी हंटेबाक लेल लिखि रहल छी। एकरा बुचीरानी (मैथिली कथा)

कोन बढियां – पहिने या आब (सन्दर्भः दिनचर्या आ स्वास्थ्य)

अपन परम्परा मे हमर माय आ हम (सन्दर्भ – दिनचर्या आ स्वास्थ्य) – प्रवीण नारायण चौधरी   अपने सब मिथिलावासी दिन मुताबिक देवता विशेषक आराधना करैत आबि रहल छी। हमरा त ओतेक नहि बुझल अछि लेकिन माय-काकी-बाबी सब केँ देखैत रहलियनि अछि। शैन-रवि, सोमवारी, मंगलबारी, एकादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी… विभिन्न तरहक दिन, विभिन्न तरहक देवता आ कोन बढियां – पहिने या आब (सन्दर्भः दिनचर्या आ स्वास्थ्य)

ब्राह्मण आ मैथिल ब्राह्मणक संछिप्त इतिहास

लेख – कुमुद मोहन झा, विराटनगर ब्राह्मण परिभाषाः ब्राह्मण हिन्दू वर्ण व्यवस्था के सर्वोच्च वर्ण । यस्क मुनि के निरुक्त अनुसार “बह्म जानाति ब्राह्मणः” अर्थात् ब्रह्म केँ जानयबाला ब्राह्मण कहबैत छथि । ब्रह्म अर्थात अन्तिम सत्य वा परम ज्ञान के ज्ञाता । ब्राह्मण के प्रत्येक सम्प्रदाय वेद सँ प्रेरणा लैत अयलाह अछि । पारम्परिक रुप ब्राह्मण आ मैथिल ब्राह्मणक संछिप्त इतिहास

लव मैरिज आ अन्तर्जातीय विवाह – एक समीक्षा

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी लव मैरिज – अन्तर्जातीय विवाह एहि विषय पर ‘दहेज मुक्त मिथिला’ समूह पर एखन धरि हजारों बेर ओहिना विमर्श भेल जेना एहि विषय पर सामान्यजन बीच गये दिन चाहक दोकान आ चौक-चौराहा सँ लैत बुद्धिजीवी बैसल दलान या ग्रामीण बैसल मचान पर होइत अछि। कनी गौर करू निम्न हालात परः लव मैरिज आ अन्तर्जातीय विवाह – एक समीक्षा

नेपाल मे नवका राजनीतिक वेरिएन्ट

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी कोरोनाक नवका वेरिएन्ट संग नेपाल मे राजनीति केर नवका वेरिएन्ट के प्रकोप कोरोना के दोसर वेभ संगे नेपाल मे राजनीतिक परिवर्तनक दोसर (नवका) वेरिएन्ट आयल देखि रहल छी। किछु मास पूर्वहि वर्तमान सत्ताधारी दल के भीतर दुइ गूट भेलाक कारण एक गूट द्वारा संसद विघटन केर डेग उठायल गेल छलैक नेपाल मे नवका राजनीतिक वेरिएन्ट

मिथिलाक स्थापना – संरक्षण – संवर्धन सदा सदा सँ सामूहिकताक संग भेल अछि

सामूहिकता के लाभ   मानव सभ्यताक विकास मे सामूहिकता पर कियो लेखकक लेखनी द्वारा लाभ के चर्चा करब आजुक आवश्यकता किन्नहु नहि, तथापि समाज मे सब तरहक लोक होइछ आ बेर-बेर के चर्चा सँ कतेको लोकक हनुमानशक्ति (जे सुसुप्तावस्था मे रहैछ) जागि सकैत अछि।   सन्दर्भ लेब ‘दहेज मुक्त मिथिला’ केर। एकर परिकल्पना जहिया आरम्भ मिथिलाक स्थापना – संरक्षण – संवर्धन सदा सदा सँ सामूहिकताक संग भेल अछि

रामायणक अद्भुत रहस्य – पढिकय कियो भावुक भऽ जायत

स्वाध्याय आलेख – अखिलेश कुमार मिश्र रामायण के सार – अद्भुत रहस्य एक राति के बात अछि। माता कौशल्याक नींद अचानक खुजि गेल। हुनका अप्पन छत पर केकरो चलs के पदचाप सुनाई देलक। पता केलैथि तs पता चलल जे ओ शत्रुघ्नजीक अर्धांगिनी श्रुतिकीर्ति जी छैथि। हुनका माँ कौशल्या नीचा बजेलैथि। श्रुतिकीर्ति जी, सभ सँ छोटकी पुतौहु रामायणक अद्भुत रहस्य – पढिकय कियो भावुक भऽ जायत

मैथिल संस्कृतिक दर्पण : अरिपन

साहित्य लेख “मैथिल संस्कृतिक दर्पण : अरिपन” – सुरेन्द्र झा, ग्राम + पो० – डखराम, बहेड़ा, दरभंगा । मकर संक्रांति, दि० – १४.०१.२०१८ (लेख संकलन एवं सम्पादनः श्री राज कुमार झा, मुम्बई) मैथिल संस्कृति अत्यन्त प्राचीन अछि । विद्वान लोकनि एहि तथ्यकेँ एकस्वरसँ स्वीकार करैत छथि । ई संस्कृति कतS आ कहिया आरंभ भेल ई मैथिल संस्कृतिक दर्पण : अरिपन