मैथिली सुन्दरकाण्डः लंकादहन
मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री तुलसीदासजी रचित श्रीरामचरितमानस केर सुन्दरकाण्डक मैथिली अनुवाद लंकादहन दोहा : कपि केर ममता पूँछ पर सबकेँ कही बुझाय। तेल बोरि पट बान्हिकय पावक दिहीन लगाय॥२४॥ भावार्थ:- हम सबकेँ बुझाकय कहैत छी जे बानरक ममता पूँछ पर होइत छैक। तेँ तेल मे कपड़ा बोरिकय ओ एकर पूँछ मे बान्हिकय फेर आगि लगा दे॥२४॥ … मैथिली सुन्दरकाण्डः लंकादहन









