मैथिली सुन्दरकाण्डः हनुमान्-रावण संवाद
मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री तुलसीदासजी रचित श्रीरामचरितमानस केर सुन्दरकाण्डक मैथिली अनुवाद हनुमान्-रावण संवाद दोहा : कपि देखि के दसानन हँसल कहल दुर्बाद। सुत वध सुरति कयल पुनि उपजल हृदय बिषाद॥२०॥ भावार्थ:- हनुमान्जी केँ देखिकय रावण दुर्वचन कहैते खूबे हँसल। फेर पुत्र वध केर स्मरण करिते ओकर हृदय मे विषाद उत्पन्न भऽ गेल॥२०॥ चौपाई : कहे लंकेश … मैथिली सुन्दरकाण्डः हनुमान्-रावण संवाद









