बजरंगबाण आ हनुमानाष्टक केर मैथिली रूप
आदरणीय ‘लेखक रमेश’ सर केर प्रेरणा पर तुलसीकृत बजरंगबाण आ हनुमानाष्टक केर मैथिली रूप – दोष लेल क्षमायाचनाक संगः बजरंगवाण निश्चय प्रेम प्रतीति जे, विनय करय सम्मान। ताहि के कार्य सकल शुभ, सिद्ध करथि हनुमान॥ जय हनुमंत संत हितकारी। सुनियौ प्रभु मोर अर्जि गोहारी॥ जनके काज विलंब नै करबै। आतुर दौड़ि महा सुख देबै॥ … बजरंगबाण आ हनुमानाष्टक केर मैथिली रूप









