बेटीक जन्मे दान करय लेल होइत छैकः पिताम्वरी देवीक सुन्दर कथा
लेख – पिताम्वरी देवी कन्यादान “दीदी मां! दीदी मां! अहाँ केँ बड खिस्सा अबैत ये, हमरा एकटा खिस्सा कहु ने।” रेणू केर सात वर्षक भतीजी आँचर पकड़िकय कहय लगलनि । ओ भतीजी केँ कोरा में बैसबैत कहलनि, “आ! तोरा एकटा खिस्सा कहै छियौ ।” ओ भतीजी केँ दुलार करैत कहलनि, “जखनि तोँ पैघ भऽ जेवहिन … बेटीक जन्मे दान करय लेल होइत छैकः पिताम्वरी देवीक सुन्दर कथा








